Bihar News: बिहार में बंद चीनी मिलों को फिर से चालू करने की तैयारी, नए सचिव धर्मेंद्र सिंह ने तय की बड़ी प्राथमिकताएं

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Bihar News: बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से शुरू करने और गन्ना उद्योग को नई गति देने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। भारतीय प्रशासनिक सेवा के वरिष्ठ अधिकारी धर्मेंद्र सिंह ने सोमवार को गन्ना उद्योग विभाग के सचिव का कार्यभार संभाल लिया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ हाईलेवल समीक्षा बैठक कर कई अहम निर्देश दिए।

बंद चीनी मिलों को फिर से चालू करने पर विशेष फोकस

नए सचिव धर्मेंद्र सिंह ने स्पष्ट किया कि विभाग की सबसे बड़ी प्राथमिकता राज्य की बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा चालू करना होगा। उन्होंने कहा कि आगामी पेराई सत्रों में मिलों को पूरी क्षमता से चलाने के लिए पर्याप्त मात्रा में गन्ना उपलब्ध कराना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य में गन्ना खेती का क्षेत्र विस्तार किया जाए और किसानों को उच्च उत्पादकता वाले प्रमाणित गन्ना बीज समय पर उपलब्ध कराए जाएं।

किसानों को मिलेगी आधुनिक तकनीक और पारदर्शी अनुदान

सचिव ने कहा कि गन्ना खेती को किसानों के लिए अधिक लाभकारी बनाने के लिए उन्नत कृषि यंत्र, प्रमाणित बीज और पारदर्शी अनुदान व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बुआई और कटाई के सही समय पर किसानों को सभी जरूरी तकनीकी सहायता बिना किसी देरी के उपलब्ध कराई जाए।

विभाग में खाली पदों को भरने की प्रक्रिया होगी तेज

धर्मेंद्र सिंह ने विभागीय कार्यों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ईख प्रसार पदाधिकारियों सहित अन्य रिक्त पदों को जल्द भरने की बात कही। उन्होंने कहा कि खाली पद भरने से योजनाओं की जमीनी स्तर पर बेहतर मॉनिटरिंग और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा।

फील्ड लेवल पर होगी लगातार मॉनिटरिंग

सचिव ने कहा कि किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान और योजनाओं के सफल संचालन के लिए फील्ड स्तर पर नियमित समीक्षा और मॉनिटरिंग की जाएगी। इससे गन्ना उद्योग को मजबूती मिलेगी और किसानों की आय बढ़ाने में मदद होगी।

विभागीय योजनाओं की हुई समीक्षा

कार्यभार ग्रहण करने के बाद आयोजित बैठक में ईखायुक्त श्री अनिल कुमार झा ने विभाग की अद्यतन स्थिति और किसानों के हित में चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस दौरान गन्ना विकास योजनाओं और चीनी उद्योग से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई।

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