पटना: बिहार सरकार पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं की शिक्षा को नई दिशा देने की तैयारी में जुट गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी उपलब्ध कराने के लिए आईआईटी पटना के साथ टाईअप किया जाए।
लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प सभागार’ में आयोजित बैठक में विभाग की योजनाओं, उपलब्धियों और आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की गई।
IIT पटना के सहयोग से मिलेगी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को भविष्य की प्रतिस्पर्धी चुनौतियों के लिए तैयार करना जरूरी है। इसके लिए अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालयों में अध्ययनरत छात्राओं को मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी कराने हेतु IIT पटना के साथ सहयोग स्थापित किया जाए।
उन्होंने कहा कि इस पहल से ग्रामीण और वंचित वर्ग की प्रतिभाशाली छात्राओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और वे राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकेंगी।
मैट्रिक और इंटर टॉपर्स को मिलेगा तुरंत सम्मान
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा के टॉपर विद्यार्थियों को परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद सम्मानित किया जाए। उनका मानना है कि समय पर सम्मान मिलने से अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी।
UPSC और BPSC सफल अभ्यर्थियों का होगा विशेष सम्मान
बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) और बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षाओं में सफल होने वाले बिहार के अभ्यर्थियों को उनके अभिभावकों के साथ सामूहिक रूप से सम्मानित किया जाए।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन राज्य के युवाओं को बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रेरित करेंगे और सफलता की नई कहानियां सामने आएंगी।
प्रथम श्रेणी से पास छात्रों को जल्द मिले प्रोत्साहन राशि
मुख्यमंत्री ने 10वीं की परीक्षा में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं को दी जाने वाली 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि के भुगतान में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पात्र विद्यार्थियों को समय पर लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए।
छात्रों और अभिभावकों के लिए बनेगा ऑनलाइन पोर्टल
बैठक में मुख्यमंत्री ने एक नई व्यवस्था शुरू करने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के विद्यालयों और छात्रावासों में नामांकित पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं तथा उनके अभिभावकों के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जाए।
इस पोर्टल के माध्यम से छात्र और अभिभावक अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सीधे विभाग तक पहुंचा सकेंगे, जिससे समस्याओं का त्वरित समाधान संभव होगा।
शिक्षा के जरिए सशक्तिकरण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पिछड़ा वर्ग और अति पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं की शैक्षणिक प्रगति के लिए कई योजनाएं चला रही है। सरकार का लक्ष्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और समय पर प्रोत्साहन देकर युवाओं को आगे बढ़ने के अधिक अवसर उपलब्ध कराना है।
बैठक में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री रमा निषाद, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

