पटना। बिहार में लगातार बढ़ते नदी जलस्तर ने बाढ़ की स्थिति को गंभीर बना दिया है। आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक राज्य के 13 जिलों के 79 प्रखंडों और 480 ग्राम पंचायतों में करीब 34.31 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। प्रशासन की ओर से राहत और बचाव अभियान लगातार चलाया जा रहा है।
गंगा समेत कई नदियां उफान पर
केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार गंगा, गंडक, कोसी, बूढ़ी गंडक, पुनपुन, बागमती और घाघरा समेत कई नदियां अलग-अलग स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। गंगा का जलस्तर भागलपुर के सुल्तानगंज में 8 सितंबर की सुबह 38.80 मीटर दर्ज किया गया और इसकी प्रवृत्ति फिलहाल स्थिर बताई गई है।
432 सामुदायिक रसोई, 14 राहत शिविर
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राज्य में 432 सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अब तक करीब 9.41 लाख लोगों को भोजन उपलब्ध कराया जा चुका है। इसके अलावा 14 राहत शिविरों में 12,294 लोगों के ठहरने, भोजन और चिकित्सा की व्यवस्था की गई है।
राहत सामग्री के तौर पर करीब 1.29 लाख पॉलीथीन शीट और 22,900 ड्राई राशन पैकेट बांटे गए हैं। लोगों के सुरक्षित आवागमन और जरूरत पड़ने पर निकासी के लिए 1,832 नावें चलाई जा रही हैं। पशुओं के लिए अब तक 3,142 क्विंटल चारा भी वितरित किया गया है।
NDRF-SDRF की टीमें तैनात
संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए SDRF की 27 और NDRF की 10 टीमें विभिन्न जिलों में तैनात हैं। प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
अगले दो दिन बारिश की संभावना
बिहार मौसम सेवा केंद्र के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले दो दिनों में राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर भारी बारिश की भी संभावना है। ऐसे में नदी किनारे और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

