क्या आपके फोन में भी हैं तीन पत्ती और रम्मी गेम्सम! मुसीबत 

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आप भी अपने मोबाइल फोन पर तीन पत्ती, रम्मी या पोकर जैसे न,पीपी ऐप्स डाउनलोड करके ‘रियल कैश’ जीतने का शौक रखते हैं, तो आपको तुरंत सतर्क हो जाने की जरूरत है। देश में इस समय ऑनलाइन गेमिंग को लेकर बेहद कड़े और सख्त नियम पूरी तरह से लागू हैं।कई बार लोग अनजाने में या घर बैठे आसान कमाई के लालच में इन ऐप्स पर अपनी गाढ़ी कमाई दांव पर लगा देते हैं, लेकिन वे यह भूल जाते हैं कि मौजूदा कानूनी ढांचा ऐसे दांव लगाने वाले खेलों को बिल्कुल भी हरी झंडी नहीं देता। अगर आप किसी भी तरह की कानुनी मुसीबत या ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचना चाहते हैं, तो यह बेहद जरूरी है कि आप देश के वर्तमान नियमों को ठीक से समझें और सुरक्षित रहें।
स्किल’ और ‘किस्मत’ के फेर में न पड़ें, दांव पर पैसा लगाना है पूरी तरह प्रतिबंधित है।
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पहले के समय में कई ऑनलाइन गेमिंग कंपनियां अदालत और कानून के सामने यह दलील देकर बच जाती थीं कि उनका गेम किस्मत (चांस) का नहीं बल्कि दिमाग के हुनर (स्किल) का है। रम्मी और पोकर जैसे खेलों को इसी तर्क के आधार पर लंबे समय तक कानूनी राहत मिलती रही,लेकिन वर्तमान नियमों ने इस पूरे भ्रम को साफ कर दिया है।अब देश के कानून में ‘स्किल बनाम चांस’ का कोई अंतर नहीं रह गया है। सीधा और साफ नियम यह है कि खेल चाहे दिमाग का हो या सिर्फ किस्मत का, अगर उसमें खिलाड़ी अपनी जेब से असली पैसा दांव पर लगा रहा है, तो वह पूरी तरह से प्रतिबंधित और अवैध माना जाएगा।

मौजूदा कानूनी व्यवस्था के तहत डिजिटल दुनिया में हर उस खेल को अवैध घोषित किया जा चुका है जो ‘ऑनलाइन मनी गेम’ की श्रेणी में आता है। इसका मतलब यह है कि कोई भी ऐसा प्लैटफॉर्म, ऐप या वेबसाइट जहां यूजर पैसे जीतने की उम्मीद में अपनी पूंजी लगाता है और बदले में नकद राशि, डिजिटल वॉलेट ट्रांसफर या कोई अन्य आर्थिक लाभ पाता है, वह कानूनन पूरी तरह प्रतिबंधित है। इंटरनेट पर “पेटीएम कैश” या “इंस्टैंट विड्रॉल” का दावा करने वाले तीन पत्ती जैसे तमाम ऐप्स इसी कड़े नियम के दायरे में आते हैं और अवैध माने जाते हैं.
प्रमोटर्स के लिए जेल का रास्ता और खिलाड़ियों पर भी भारी जुर्माने का खतरा है।
यह कानून सिर्फ गेम बनाने या चलाने वाली कंपनियों पर ही शिकंजा नहीं कसता, बल्कि इसके तहत सजा का दायरा बहुत बड़ा है।वर्तमान नियमों के अनुसार, ऐसे अवैध मनी गेम्स को ऑपरेट करना, सोशल मीडिया या इंटरनेट पर उनका विज्ञापन करना, या फिर खिलाड़ियों के पैसे को इधर-उधर ट्रांसफर करने में मदद करना एक गंभीर अपराध है।इसके लिए गेम प्रमोटर्स को तीन से पांच साल तक की जेल की सजा हो सकती है। इसके साथ ही, आम यूजर्स को भी यह समझना होगा कि इन गैर-पंजीकृत और अवैध ऐप्स पर जाकर जानबूझकर पैसे का दांव लगाना दंडनीय है, और ऐसा करने वाले खिलाड़ियों पर भी बड़ा जुर्माना लगाया जा सकता है

अगर आप गेमिंग के शौकीन हैं, तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि इस समय भारत में केवल दो ही तरह के ऑनलाइन गेम्स पूरी तरह से कानूनी और वैध माने जाते हैं. पहले हैं ‘ई-स्पोर्ट्स’ (E-Sports), जो आधिकारिक तौर पर रजिस्टर्ड होते हैं और जिनमें तय नियमों के तहत खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती हैं।दूसरे हैं ‘ऑनलाइन सोशल गेम्स’, जिन्हें लोग केवल अपने मनोरंजन और टाइमपास के लिए खेलते हैं। इन सोशल गेम्स की सबसे बड़ी पहचान यह है कि इनमें कभी भी असली पैसा दांव पर नहीं लगाया जाता और न ही जीतने वाले को कोई वास्तविक नकद इनाम मिलता है।
आम यूजर्स के लिए राहत की बात बस इतनी है कि अगर आप तीन पत्ती या कोई अन्य कार्ड गेम सिर्फ मनोरंजन के लिए खेल रहे हैं, तो कोई खतरा नहीं है। जिन ऐप्स में खेलने के लिए केवल वर्चुअल कॉइन्स या फ्री चिप्स का इस्तेमाल होता है और पैसों का कोई वास्तविक लेन-देन नहीं होता, वे पूरी तरह सुरक्षित और वैध हैं। मुसीबत सिर्फ तब खड़ी होती है जब खेल में असली पैसे की एंट्री होती है।इंटरनेट और सोशल मीडिया पर दिखने वाले लुभावने विज्ञापनों के झांसे में आकर अपनी मेहनत की कमाई इन अवैध ऐप्स में न फंसाएं।सजग रहें, सुरक्षित गेमिंग का विकल्प चुनें और किसी भी तरह के वित्तीय या कानूनी जोखिम से खुद को बचाकर रखें।

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