अक्सर आप सभी ने एक बात जरूर सुनी होगी कि किडनी के मरीजों को टमाटर का सेवन नहीं करना चाहिए।आम धारणा है कि टमाटर के बीजों का सेवन करने से किडनी में स्टोन की समस्या बढ़ने लगती है। इस कारण लोग टमाटर का सेवन बिल्कुल भी नहीं करते हैं।लेकिन क्या सही में टमाटर के बीजों को खाने से किडनी में स्टोन की समस्या हो सकती है?
इस भ्रम की वजह ये है कि टमाटर में ऑक्सालेट (Oxalate) नाम का तत्व मौजूद होता है।किडनी स्टोन का सबसे कॉमन टाइप कैल्शियम ऑक्सालेट स्टोन होता है इसलिए लोगों को लगता है कि टमाटर सीधे पथरी बनने का कारण बनता है,लेकिन सच्चाई इससे बिल्कुल अलग है.
विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी स्टोन केवल टमाटर खाने से नहीं बनता, बल्कि इसके पीछे कई डाइट और लाइफस्टाइल फैक्टर जिम्मेदार होते हैं।पालक, चुकंदर और कुछ नट्स में ऑक्सालेट की मात्रा टमाटर से अधिक हो सकती है, इसलिए केवल टमाटर को दोष देना सही नहीं माना जाता।
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, टमाटर में ऑक्सालेट की मात्रा काफी कम होती है। नॉर्मल मात्रा में टमाटर खाने से किडनी स्टोन बनने का खतरा नहीं बढ़ता।इसलिए केवल इस डर से टमाटर या उसके बीजों से परहेज करने की जरूरत नहीं है खासकर अगर आपकी डाइट बैलेंस है और आपको डॉक्टर ने इसे लेकर कोई खास सलाह नहीं दी है।
यूरोलॉजिस्ट डॉ. विश्वास कहते हैं कि कुछ चीजें ऐसी हैं जिनमें ऑक्सालेट की मात्रा टमाटर की तुलना में कहीं ज्यादा होती है।जैसे पालक, चुकंदर, कुछ प्रकार के नट्स और ड्राई फ्रूट्स में ऑक्सालेट ज्यादा पाया जाता है।
जिन लोगों को बार-बार कैल्शियम ऑक्सालेट किडनी स्टोन बनने की समस्या रहती है, उन्हें डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह के अनुसार इन चीजों की मात्रा पर ध्यान देना पड़ सकता है।
हालांकि, इसका मतलब यह भी नहीं है कि इन पौष्टिक खाद्य पदार्थों को पूरी तरह छोड़ दिया जाए। इनमें कई जरूरी विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट भी मौजूद होते हैं। इसलिए किसी भी चीजे को बिना डॉक्टर की सलाह के पूरी तरह डाइट से हटाना सही नहीं माना जाता।
यूरोलॉजिस्ट (Urologist) डॉ. विश्वास के अनुसार किडनी स्टोन से बचाव के लिए सबसे जरूरी बात पर्याप्त मात्रा में पानी पीना है।इसके अलावा बैलेंस डाइट, जरूरत के अनुसार कैल्शियम का सेवन, नमक और जरूरत से ज्यादा प्रोसेस्ड फूड की मात्रा कम रखना भी फायदेमंद माना जाता है।

