US Military Deployment Near Iran: ईरान को लेकर अमेरिका ने मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ानी शुरू कर दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी सेना करीब 9000 सैनिकों के साथ युद्धपोतों का एक बड़ा बेड़ा इस क्षेत्र की ओर भेज रही है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित कार्रवाई को लेकर सख्त बयान दिए हैं।
एक अमेरिकी अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि यह सैन्य बेड़ा अमेरिका से रवाना हो चुका है और इसमें तीसरा एयरक्राफ्ट कैरियर भी शामिल है।
एयरक्राफ्ट कैरियर के साथ हजारों सैनिक तैनात
मिडिल ईस्ट की ओर बढ़ रहे इस बेड़े में करीब 7000 नौसैनिक और 2000 मरीन शामिल हैं। इसमें USS Theodore Roosevelt Carrier Strike Group के अलावा कई अन्य नौसैनिक जहाज भी शामिल हैं।
इस तैनाती में क्रूजर, एम्फीबियस लैंडिंग शिप और मरीन यूनिट्स भी शामिल हैं, जो अमेरिका की क्षेत्रीय सैन्य क्षमता को मजबूत करेंगे।
मिडिल ईस्ट में होंगे तीन एयरक्राफ्ट कैरियर
इस नए कदम के बाद अक्टूबर के अंत तक मिडिल ईस्ट क्षेत्र में अमेरिका के तीन एयरक्राफ्ट कैरियर मौजूद हो सकते हैं। इसके साथ ही इस इलाके में हजारों सैनिकों और बड़ी संख्या में सैन्य विमानों की मौजूदगी बढ़ जाएगी।
इससे पहले भी अमेरिका ने इस क्षेत्र में कई बार बड़ी सैन्य तैनाती की है। अप्रैल में तीन कैरियर स्ट्राइक ग्रुप की मौजूदगी 2003 के बाद पहली बार देखी गई थी।
ट्रंप ने ईरान को दी सख्त चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर कड़ा रुख दिखाया है। उन्होंने कहा है कि अगर किसी घटना में ईरान की भूमिका सामने आती है तो अमेरिका जवाबी कार्रवाई कर सकता है।
ट्रंप ने एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि अगर जांच में ईरान से कोई संबंध साबित होता है, तो प्रतिक्रिया कड़ी होगी। उन्होंने ईरान को लेकर सैन्य कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
क्षेत्रीय तनाव पर दुनिया की नजर
मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी ऐसे समय हो रही है, जब क्षेत्र में पहले से तनाव बना हुआ है। अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से कई मुद्दों को लेकर मतभेद रहे हैं।

