पाकिस्तान के पेशावर में दर्दनाक हादसा, स्कूल की छत गिरने से 29 बच्चों समेत 30 की मौत

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पेशावर: पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी शहर पेशावर में एक निजी स्कूल की छत ढहने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में 29 बच्चों और एक महिला शिक्षिका की जान चली गई। अस्पताल से मिली जानकारी के मुताबिक, हादसे में 30 से अधिक लोग घायल भी हुए हैं। इनमें छह की हालत गंभीर बताई जा रही है। राहत एवं बचाव दल मलबे में फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं।

7 से 13 साल के थे मृतक बच्चे

यह हादसा पेशावर के अफरीदी आबाद इलाके में हुआ। स्कूल की छत अचानक गिरने से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लेडी रीडिंग अस्पताल के अधिकारी आसिम खान ने 30 लोगों की मौत की पुष्टि की। मृतकों में शामिल बच्चों की उम्र सात से 13 वर्ष के बीच बताई गई है।

घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर रूप से जख्मी छह लोगों का इलाज जारी है। अधिकारियों के अनुसार, घायलों की स्थिति को देखते हुए मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

अस्पताल में घोषित की गई आपात स्थिति

हादसे की सूचना मिलते ही बचाव दल घटनास्थल पर पहुंच गए। रेस्क्यू 1122 की एंबुलेंस और आपदा राहत वाहनों की मदद से राहत अभियान शुरू किया गया। मलबे को हटाकर उसमें दबे लोगों को निकालने की कोशिश की जा रही है।

लेडी रीडिंग अस्पताल के प्रवक्ता मुहम्मद आसिम के मुताबिक, घायलों के इलाज के लिए अस्पताल में आपात व्यवस्था लागू की गई। कुछ घायलों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है। मलबे के नीचे और लोगों के दबे होने की आशंका के चलते बचाव अभियान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने जताया दुख

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने स्कूल हादसे में हुई मौतों पर शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि इस मुश्किल घड़ी में उन्हें अपनों को खोने का दुख सहने की शक्ति मिले।

बड़ी संख्या में बच्चों की मौत से इलाके में शोक का माहौल है। हादसे के कारणों का पता लगाने और इमारत की स्थिति से जुड़े तथ्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

पाकिस्तान में पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

पाकिस्तान में इमारतों और छतों के गिरने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। निर्माण में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और कमजोर निर्माण सामग्री के इस्तेमाल को ऐसी दुर्घटनाओं के संभावित कारणों में गिना जाता है।

इस साल जून में लाहौर के एक ट्यूशन सेंटर में छत गिरने से एक दर्जन से अधिक बच्चों की मौत होने की खबर सामने आई थी। वहीं, कराची के लियारी इलाके में पांच मंजिला इमारत ढहने से 27 लोगों की जान चली गई थी और 10 अन्य घायल हुए थे।

पेशावर का ताजा हादसा एक बार फिर इमारतों की सुरक्षा, निर्माण मानकों और बच्चों की जान की हिफाजत से जुड़े सवाल खड़े करता है। फिलहाल, राहत एवं बचाव अभियान जारी है और घायलों का इलाज किया जा रहा है।

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