Riyadh Airport Attack: सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए मिसाइल हमले ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। 10 अक्टूबर को हुए हमले में शुरुआती जानकारी के मुताबिक 12 लोगों की मौत हुई थी और 300 से अधिक लोग घायल हुए थे। बाद में गंभीर रूप से घायल एक भारतीय नागरिक की मृत्यु होने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 13 हो गई। यमन के हूती विद्रोहियों ने हमले की जिम्मेदारी ली है।
टर्मिनल 3 और 4 पर हमले की खबर
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के मुताबिक, हवाई अड्डे के टर्मिनल 3 और 4 के आसपास हमले में बड़े पैमाने पर लोग प्रभावित हुए। मृतकों में सऊदी अरब के चार नागरिक, बांग्लादेश के दो नागरिक और अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फलस्तीन तथा सूडान के एक-एक नागरिक शामिल थे। बाद में घायल भारतीय नागरिक की मौत से कुल मृतकों की संख्या 13 हो गई। सैकड़ों घायलों को अस्पतालों में उपचार दिया गया।
भारतीय दूतावास ने जताया दुख
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने एक बयान में भारतीय नागरिक की मौत की पुष्टि की और परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। दूतावास ने बताया कि वह पीड़ित परिवार के संपर्क में है और पार्थिव शरीर को भारत लाने की प्रक्रिया में हरसंभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी।
इस घटना के बाद भारत समेत कई देशों ने हमले की निंदा की। नागरिकों और नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाए जाने पर चिंता जताते हुए हिंसा रोकने की अपील की गई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी अरब के सैन्य अभियान में अमेरिकी भागीदारी पर विचार किए जाने की खबर भी सामने आई है।
हूती विद्रोहियों की चेतावनी से बढ़ा तनाव
रिपोर्टों के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने एयरलाइंस, यात्रियों और हवाई अड्डे के कर्मचारियों को सऊदी अरब के हवाई अड्डों तथा हवाई क्षेत्र से दूर रहने की चेतावनी दी। समूह ने मक्का और मदीना जैसे पवित्र शहरों को छोड़कर अन्य सऊदी हवाई अड्डों को संभावित निशाना बनाने की धमकी भी दी।
हूती समूह के नियंत्रण वाले अल-मसीरा टेलीविजन पर प्रसारित बयान में सऊदी अरब से यमन में अपनी सैन्य कार्रवाई और हस्तक्षेप रोकने की मांग की गई। बयान में चेतावनी दी गई कि ऐसा नहीं होने पर संघर्ष और गंभीर हो सकता है।
उड़ानों पर असर, ऊर्जा सम्मेलन की सुरक्षा को लेकर चिंता
हमले के बाद रियाद हवाई अड्डे पर उड़ानों के संचालन में व्यवधान की खबरें आईं। जानकारी के मुताबिक पिछले 24 घंटों के दौरान 225 से अधिक उड़ानें रद्द होने का दावा किया गया है। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस की रियाद जाने वाली कुछ उड़ानों को 14-15 अक्टूबर तक रद्द किए जाने की बात भी कही गई है। इन उड़ानों की मौजूदा स्थिति की पुष्टि संबंधित एयरलाइंस से करना जरूरी है।
दम्माम स्थित किंग फहद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास भी मिसाइल और ड्रोन संबंधी घटनाओं की खबरें सामने आईं। लगातार हमलों के कारण हवाई यातायात और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
रियाद में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा सम्मेलन की सुरक्षा पर भी सवाल उठे हैं। इस आयोजन में विभिन्न देशों के मंत्रियों, कंपनियों के प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा संगठनों के शामिल होने की उम्मीद बताई गई थी। ऐसे हालात में सुरक्षा व्यवस्था और यात्रियों की आवाजाही पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
हैदराबाद के मोहम्मद यूसुफ अली की मौत
हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिक की पहचान हैदराबाद के मोहम्मद यूसुफ अली के रूप में की गई है। हैदराबाद के सांसद और एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने उनकी मौत पर दुख जताया। उनके अनुसार, यूसुफ के परिवार के अन्य सदस्य भी हमले में घायल हुए हैं और उनका उपचार चल रहा है।
ओवैसी ने सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी में बताया कि वह रियाद में पीड़ित परिवार के रिश्तेदार के संपर्क में हैं। उन्होंने भारतीय दूतावास की ओर से घायलों की देखभाल और सहायता का भरोसा दिए जाने का भी उल्लेख किया।
हैदराबाद के सांसद ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। भारतीय दूतावास ने भी परिवार को जरूरी मदद देने और पार्थिव शरीर को स्वदेश लाने में सहयोग का आश्वासन दिया है।
रियाद एयरपोर्ट पर हमले और उसके बाद सामने आई धमकियों ने क्षेत्रीय सुरक्षा की चिंता बढ़ा दी है। हालात के बीच यात्रियों को सलाह दी जाती है कि सऊदी अरब की यात्रा या वहां से उड़ान भरने से पहले संबंधित एयरलाइन और आधिकारिक यात्रा परामर्श से ताजा जानकारी हासिल करें।

