Iran US Conflict: पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने नया मोड़ ले लिया है। ताजा घटनाक्रम में सऊदी अरब ने अमेरिका के साथ मिलकर इराक में ईरान समर्थित पॉपुलर मोबिलाइजेशन फोर्स (PMF) से जुड़े ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस अभियान में करीब 20 लड़ाकों की मौत हुई, जबकि 32 अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों का दावा है कि जिन ठिकानों को निशाना बनाया गया, वहां से अमेरिकी सैनिकों और सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर संभावित हमलों की तैयारी की जा रही थी। कार्रवाई के कुछ समय बाद ईरान की ओर से जवाबी कदम उठाया गया और कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इन मिसाइलों का लक्ष्य जॉर्डन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकाना था। हालांकि, रक्षा प्रणालियों ने सभी मिसाइलों को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही रोक दिया, जिससे किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं मिली।
बीते 24 घंटे की 5 बड़ी घटनाएं
1. ट्रम्प और नेतन्याहू की बैठक में ईरान पर रणनीति
व्हाइट हाउस में हुई बैठक के बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ उनकी बातचीत बेहद सकारात्मक रही। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना प्राथमिकता बनी रहेगी।
2. जेलेंस्की ने ट्रम्प से रक्षा सहयोग पर की चर्चा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने ट्रम्प के साथ मुलाकात के दौरान पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम, सुरक्षा सहयोग और रूस-यूक्रेन युद्ध से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की।
3. होर्मुज जलडमरूमध्य पर ओमान का नया प्रस्ताव
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए ओमान ने सुझाव दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन केवल ईरान तक सीमित न रहे, बल्कि क्षेत्र के सभी संबंधित देशों की साझेदारी से इसका संचालन किया जाए। बताया जा रहा है कि इस प्रस्ताव को खाड़ी क्षेत्र के कई देशों का समर्थन मिला है।
4. अमेरिका-ईरान वार्ता की उम्मीद से कच्चे तेल में नरमी
दोनों देशों के बीच संभावित बातचीत की खबरों का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार पर भी दिखाई दिया। निवेशकों की उम्मीद बढ़ने के बाद ब्रेंट और डब्ल्यूटीआई क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई और भाव हाल के निचले स्तरों के करीब पहुंच गए।
5. ड्रोन हमलों से कई देशों में सुरक्षा अलर्ट
इराक, जॉर्डन और सऊदी अरब में पिछले दो दिनों के दौरान ड्रोन हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं। कुछ हमलों की जिम्मेदारी हूती विद्रोहियों ने ली है, जबकि कई मामलों में हमलावरों की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है। इन घटनाओं के बाद क्षेत्र के कई देशों ने सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता बढ़ा दी है।

