ताइवान के खिलाफ मिलिट्री ड्रिल कर रहा चीन, खड़े किये 3 वाॅरशिप और 13 फाइटर जेट, चेतावनी की जारी

0
151

न्यूज डेस्क
ताइवान के राष्ट्रपति के अमेरिकी दौर से चीन बुरी तरह बौखला गया है। चीन अब ताइवान का घेरने की तैयारी कर रहा है। चीन की सेना तीन दिन तक ताइवान के नजदीक युद्धाभ्यास करेगी। चीन ने ताइवान की राष्ट्रपति साई इंग वेन की अमेरिकी यात्रा के तुरंत बाद यह कदम उठाया है। चीन ने फुजियान प्रांत के पिंगटन आईलैंड के नजदीक चार इलाकों में सैन्य अभ्यास शुरू कर दिया है। ये इलाका ताइवान के काफी करीब है।

ताइवान के रक्षामंत्रालय का कहना है कि पिंगटन आईलैंड के इलाके में चीन के आठ वाॅरशिप और 42 फाइटर जेट्स दिखाई दिये हें। चीन ने 7 अप्रैल को ही अपने दो लड़ाकू विमान और शेनडोंग समेत तीन वाॅरशिप ताइवान के पास तैनात कर दिये थे। चीन ने इस अभ्यास को यूनाइटेड शार्प सोर्ड नाम दिया है। ये सैन्य अभ्यास ताइवान से सिर्फ 50 किमी की दूरी पर किया जा रहा है। इसमें असली हथियार और गोला बारूद का इस्तेमाल किया जा रहा है।

गौरतलब है कि ताइवानी राष्ट्रपति साई इंग वेन ने बीते बुधवार को अमेरिकी के निचले सदन के सभापति वेविन मैकार्थी से कैलिफोर्निया में मुलाकात की थी। यह पहली बार हुआ है कि किसी ताइवानी राष्ट्रपति ने अमेरिका की धरती पर यूसए स्पीकर से मुलाकता की है। इस मुलाकात पर चीन ने धमकी दी थी कि अगर राष्ट्रपति साई इंग वेन अमेरिकी स्पीकर से मिलीं तो सही नहीं होगा। हालांकि ताइवानी राष्ट्रपति ने चीन की इस धमकी को दरकिनार कर अमेरिकी स्पीकर से मुलाकता की।

युद्धपोत और लड़ाकू विमानों से ताइवान की रेकी करने के अलावा चीन ने अमेरिका में ताइवान के प्रतिनिधि पर पाबंदियां लगा दी। प्रतिनिधि हसिआओ बी किम और उनका परिवार पाबंदियों के चलते अब कभी चीनए हांगकांग और मैकाउ नहीं जा पाएगा। इसके अलावा राजदूत की कंपनियां भी चीन के साथ कोई व्यापार नहीं कर पाएंगी। वहीं चीन ने दो अमेरिकी संस्थाओं पर भी बैन लगाने की घोषणा की। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन्हीं दो संस्थाओं ने राष्ट्रपति साई इंग वेन की अमेरिकी यात्रा की प्लानिंग की थी। इन संस्थाओं में कैलिफोर्निया की रोनाल्ड रीगन लाइब्रेरी भी शामिल है।

बीते साल अगस्त में अमेरिका की प्रतिनिधि सभा की तत्कालीन सभापति नैंसी पेलोंसी ने भी ताइवान का दौरा किया था। उस समय भी चीन ने इस पर कड़ा एतराज जताया था और ताइवान को धमकी दी थी। हालांकि ताइवान चीन की धमकी के आगे नहीं झुका। इसके बाद चीन ने ताइवान के जलीय क्षेत्र के चारों तरफ युद्भाभ्यास शुरू कर दिया था। इस तरह चीन ने एक तरह से ताइवान की चारों तरफ से घेराबंदी कर ली थी। चीन के 21 एयरक्राफ्ट्स ताइवान की सीमा में भी दाखिल हो गए थे। इस दौरान चीन और ताइवान के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here