Weather Forecast 9 October 2026: मानसून की विदाई के बीच देश के कई हिस्सों में बारिश और आंधी का दौर जारी रह सकता है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। पहाड़ी राज्यों में भी बारिश को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
15 राज्यों में आंधी-बारिश की आशंका
मौसम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार, उत्तर भारत से लेकर पूर्वी और दक्षिणी हिस्सों तक अलग-अलग जगहों पर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना जताई गई है। हालांकि, मौसम का असर जिले और स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। <Cite refs={[“turn503202news13″,”turn503202search6”]}/>
बिहार और यूपी में कैसा रहेगा मौसम?
बिहार: मधुबनी, रोहतास, दरभंगा, गया, जहानाबाद, सहरसा और बक्सर में बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पटना में अधिकतम तापमान करीब 30 डिग्री और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान दिया गया है।
उत्तर प्रदेश: गाजियाबाद, मेरठ, मिर्जापुर, गोरखपुर, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, सहारनपुर, बस्ती और रायबरेली समेत कई इलाकों में आंधी और बारिश की आशंका है। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लखनऊ में अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
दिल्ली और राजस्थान में भी बदल सकता है मौसम
दिल्ली-NCR: राजधानी में बादल छाने और बारिश होने की संभावना है। हवाएं करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं। अधिकतम तापमान 31 और न्यूनतम 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
राजस्थान: बीकानेर, अजमेर, धौलपुर, भरतपुर और बूंदी में बारिश की संभावना जताई गई है। जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 35 और न्यूनतम 23 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।
मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल में अलर्ट
मध्य प्रदेश के विदिशा, सीधी, दमोह, सागर, इंदौर, उज्जैन, शहडोल और छिंदवाड़ा में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। वहीं उत्तराखंड के हरिद्वार, नैनीताल, ऋषिकेश और चमोली तथा हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला, कांगड़ा, मंडी और सोलन में बारिश और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।
पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़कें बाधित होने का खतरा बढ़ सकता है। किसानों को भी स्थानीय मौसम सलाह के अनुसार फसलों और कृषि कार्यों की योजना बनाने की सलाह दी जाती है।

