न्यूज डेस्क
रविवार को भारतीय क्रिकेट जगत के लिए एक दुखद खबर सामने आयी। भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर सलीम दुर्रानी का 88 साल की उम्र में निधन हो गया। वह कैंसर से जूझ रहे थे, उन्होंने गुजरात के जामनगर में रविवार को आखिरी सांस ली। वह पहले ऐसे क्रिकेटर थे जिन्हें अर्जुन पुरस्कार मिला था। 1960 में उन्हें इस प्रतिष्ठित पुरस्कार से नवाजा गया था। क्रिकेट से रिटायरमेंट के बाद उन्होंने फिल्मी दुनिया में भी हाथ आजमाया था। सलीम दुर्रानी भारत के लिए 29 टेस्ट खेल चुके, जिसमें उन्होंने एक शतक और सात अर्धशतक की मदद से 1202 रन बनाए थे। साथ ही 75 विकेट भी लिए थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सलीम दुर्रानी के निधन पर दुख जताया है।पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में भारत के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सलीम दुर्रानी जी क्रिकेट के दिग्गज थे, अपने आप में एक संस्था थे। उन्होंने क्रिकेट की दुनिया में भारत के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मैदान पर और मैदान से बाहर, वह अपनी शैली के लिए जाने जाते थे। उनके निधन से आहत हूं। उनके परिवार और दोस्तों के प्रति संवेदना। उनकी आत्मा को शांति मिले।
Salim Durani Ji was a cricketing legend, an institution in himself. He made a key contribution to India’s rise in the world of cricket. On and off the field, he was known for his style. Pained by his demise. Condolences to his family and friends. May his soul rest in peace.
— Narendra Modi (@narendramodi) April 2, 2023
1961-62 में इंग्लैंड पर ऐतिहासिक 2-0 की सीरीज जीत में दुर्रानी की रही अहम भूमिका
सलीम दुर्रानी ने 1961-62 में इंग्लैंड पर ऐतिहासिक 2-0 की सीरीज जीत में अहम भूमिका निभाई थी। उन्होंने इस पांच मैचों की टेस्ट सीरीज में जमकर विकेट लिए थे। भारत ने कोलकाता और मद्रास में दो टेस्ट जीते थे। कोलकाता टेस्ट में सलीम ने आठ और मद्रास टेस्ट में 10 विकेट लिए थे। इसके अलावा उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ ऐतिहासिक पोर्ट ऑफ स्पेन मैच में भारत की जीत में भी अहम किरदार निभाया था।

दर्शकों की मांग पर जड़ देते थे सिक्सर
सलीम दुर्रानी का जन्म 11 दिसंबर 1934 को अफगानिस्तान के काबुल में हुआ था। हालांकि, जब वह सिर्फ आठ वर्ष के थे तब उनका परिवार पाकिस्तान के कराची जाकर बस गया था। भारत-पाकिस्तान बंटवारे के समय दुर्रानी का परिवार भारत आ गया था। धीरे-धीरे सलीम की क्रिकेट में दिलचस्पी बढ़ी। 1960-70 के दशक में सलीम ने अपने ऑलराउंड प्रदर्शन से पहचान बनाई थी। वह भारत के दिग्गज ऑलराउंडर्स में से एक रहे हैं। ऐसा कहा जाता है कि मैच में जब भी फैंस सलीम से छक्का लगाने की मांग करते थे, वह छक्का जड़ देते थे। इसी तरह सलीम फैंस के खास बन गए थे। सलीम दुर्रानी ने अपना आखिरी इंटरनेशनल मैच फरवरी 1973 में खेला था।
परवीन बॉबी के साथ किया डेब्यू
सलीम ने 1973 में ही क्रिकेट को अलविदा कहा और फिल्म की दुनिया में हाथ आजमाने की थामी। इंडस्ट्री में आते ही उन्हें डेब्यू का मौका मिला उस वक्त की सबसे खूबसूरत और लीडिंग एक्ट्रेस के साथ। सलीम दुर्रानी ने बॉलीवुड फिल्म ‘चरित्र’ से अपने फिल्मी करियर का डेब्यू किया। इस फिल्म में उनके साथ एक्ट्रेस परवीन बॉबी थीं।

