यूपी पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा मामले में योगी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। पुलिस भर्ती बोर्ड की अध्यक्ष रेणुका मिश्रा ने जांच समिति बनाई है।इसके अलावा एडीजी अशोक कुमार सिंह की अध्यक्षता में आंतरिक जांच समिति बनाई गई है।यह समिति पेपर लीक की शिकायत, पेपर छपाई में गड़बड़ी,पेपर देर से पहुंचने,सनी लियोनी के एडमिट कार्ड मामले की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट में मिली जानकारियों के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।
ठगी के लिए सोशल मीडिया का उपयोग कर पेपर लीक का फैलाया जा रहा था भ्रम
इससे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड ने सोशल मीडिया साइट एक्स पर रविवार को लिखा था कि प्रारंभिक जांच में पाया गया कि अराजक तत्वों द्वारा ठगी के लिए टेलीग्राम की एडिट सुविधा का प्रयोग कर सोशल मीडिया पर पेपर लीक संबंधी भ्रम फैलाया जा रहा है।बोर्ड एवं यूपी पुलिस इन प्रकरणों की निगरानी के साथ इनके सोर्स की गहन जांच कर रहा है।
14 लोगों को गिरफ्तार कर तीन गिरोहों का भंडाफोड़
बलिया के पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने बताया कि पुलिस ने अबतक 14 लोगों को गिरफ्तार कर तीन गिरोहों का भंडाफोड़ किया है। वर्मा का दावा है कि वे पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में धांधली की कोशिश कर रहे थे।उन्होंने बताया कि पकड़ा गया अभय कुमार श्रीवास्तव सुल्तानपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग में ‘लैब टेक्नीशियन’ है जबकि फतेहबहादुर राजभर मध्य प्रदेश के कटनी जिले में वन विभाग में सिपाही है। उनके अनुसार पुलिस ने तीन अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है, जो दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा दे रहे थे।
गोंडा जिले में पुलिस ने बिहार के नालंदा जिला के एक व्यक्ति समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गोंडा के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि बिहार के नालंदा जिला के कुंदन कुमार चौधरी को शनिवार शाम स्थानीय पुलिस की मदद से जिला के नवाबगंज कस्बे में एक परीक्षा केंद्र से गिरफ्तार किया गया। उनके अनुसार वह सिपाही भर्ती के लिए मनकापुर थाना क्षेत्र के तन्मय सिंह की जगह परीक्षा दे रहा था।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल बताया कि पुलिस ने रविवार को तन्मय और उसके सहयोगी गोंडा जिले के धानेपुर थाना क्षेत्र निवासी हरेंद्र कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया है।हरेंद्र सिपाही भर्ती का अभ्यर्थी भी है। जायसवाल के मुताबिक इन दोनों अभ्यर्थियों का नालंदा जिला निवासी कुंदन से छह लाख रुपये में सौदा तय हुआ है। वह शनिवार को दूसरी पाली में नवाबगंज के एक परीक्षा केंद्र पर तन्मय के स्थान पर परीक्षा दे रहा था और रविवार को गोंडा शहर के एक अन्य केंद्र पर उसे हरेंद्र के स्थान पर परीक्षा देनी थी।हालांकि उससे पहले ही दोनों अभ्यर्थियों को गिरफ्तार भी कर लिया गया
नवाबगंज थाने में मामला दर्ज
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि तीनों के खिलाफ नवाबगंज थाने में मामला दर्ज किया गया है।अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा में अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने और धोखाधड़ी करने के आरोप में पिछले दो दिनों में पूरे उत्तर प्रदेश में 120 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) प्रशांत कुमार ने बताया कि अबतक गिरफ्तार किए गए कुल 122 लोगों में से 15 एटा में, नौ-नौ मऊ, प्रयागराज और सिद्धार्थनगर में, आठ गाजीपुर में, सात आज़मगढ़ में, छह गोरखपुर में, पांच जौनपुर में, चार फ़िरोज़ाबाद में , तीन-तीन कौशांबी और हाथरस में , दो-दो झाँसी, वाराणसी, आगरा और कानपुर में, और एक-एक बलिया, देवरिया और बिजनौर में शामिल हैं।
डीजीपी प्रशांत कुमार ने लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में दो परीक्षा केंद्रों का औचक निरीक्षण भी किया था।उन्होंने बताया कि 17 और 18 फरवरी को दो पालियों में हो रही परीक्षा में 48 लाख से ज्यादा अभ्यर्थी शामिल हुए थे।

