Yogi vs Akhilesh: उत्तर प्रदेश की राजनीति में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बीच अयोध्या से चुनाव लड़ने को लेकर जुबानी जंग तेज हो गई है। बलरामपुर में 803 करोड़ रुपये से अधिक की 78 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान योगी ने अखिलेश की चुनौती का जवाब देते हुए कहा कि वह अयोध्या से चुनाव लड़ने को तैयार हैं। उन्होंने सपा प्रमुख को भी वहां से नामांकन करने का खुला ऑफर दिया।
‘एक बार किस्मत आजमा लेते हैं’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अयोध्या उनके लिए आस्था का केंद्र है और वह वहां राजनीति के लिए नहीं, बल्कि विकास कार्यों की निगरानी के लिए जाते हैं। अखिलेश यादव को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि दोनों को अयोध्या से चुनाव लड़कर अपनी किस्मत आजमा लेनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मुकाबला समर्थकों के बजाय दोनों नेताओं के बीच आमने-सामने होना चाहिए।
पिछली सरकारों पर भी साधा निशाना
मुख्यमंत्री ने पिछली समाजवादी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से पहले क्षेत्र में सड़क और कानून-व्यवस्था की स्थिति खराब थी तथा माफिया का प्रभाव था। उन्होंने दावा किया कि अब लोगों का वोट क्षेत्र में विकास और बदलाव का आधार बन रहा है।
योगी ने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतांत्रिक विरोध की मर्यादा से आगे बढ़कर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहा है।
अखिलेश यादव ने क्या कहा था?
अखिलेश यादव ने गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चुनौती दी थी कि यदि उन्हें अपनी लोकप्रियता और काम पर भरोसा है, तो वे आगामी विधानसभा चुनाव अयोध्या से लड़कर दिखाएं। इसी बयान के जवाब में योगी ने उन्हें भी अयोध्या से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया। हालांकि, दोनों नेताओं के बीच इस बयानबाजी से आगे चुनावी मैदान में उतरने को लेकर कोई अंतिम घोषणा इस खबर में नहीं है।

