यूपी के लखीमपुर खीरी में क्या बहेगी कांग्रेस की बयार ? 

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न्यूज़ डेस्क 

यूपी के लखीमपुर खीरी जिले की सियासत बदलती दिख रही है। सपा की यहाँ मजबूत पकड़ थी। यहाँ का वर्मा परिवार सपा की ताकत रहे हैं लेकिन अब रवि प्रकाश वर्मा सपा से जुड़ा हो रहे हैं। वे अभी कहाँ जायेंगे यह कोई नहीं जानता लेकिन उनके पूर्वज कांग्रेसी रहे हैं। बहस चर्चा तो यही चल रही है कि वर्मा का परिवार अब अपने पुराने घर को वापस जायेंगे। वरं की बेटी भी कांग्रेस में जाने की तैयारी कर रही है। सियासत में इस बदलाव को कांग्रेस की बढ़ती राजनीति के रूप में देखा जा रहा है। आगे सबकी निगाह है। सपा के लोग इंडिया गठबंधन के साथ ही कांग्रेस पर हमला कर रहे हैं लेकिन सपा के कुछ नेता कांग्रेस की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं।                  
बड़ा सवाल यही है कि लखीमपुरी खीरी में सपा के कद्दावर नेता रवि प्रकाश वर्मा का अगला ठिकाना कहां होगा? चार बार के सांसद रहे रवि प्रकाश वर्मा ने सपा का साथ छोड़ दिया है।  उनके इस्तीफे के बाद सवाल उठ खड़ा हुआ कि अगला पड़ाव कहां होगा? लखीमपुर खीरी में वर्मा परिवार का 50 वर्षों से दबदबा रहा है। रवि प्रकाश वर्मा के माता-पिता ने भी संसद में खीरी लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व किया है। वर्मा घराने का पुराना संबंध कांग्रेस से जुड़ता है। 
                       माना जा रहा कि रवि प्रकाश वर्मा की घर वापसी हो सकती है। रवि प्रकाश वर्मा की बेटी पूर्वी वर्मा भी कांग्रेस में जाने की तैयारी कर रही हैं। पिता और बेटी की घर वापसी के बाद लखीमपुर की सियासत काफी दिलचस्प मोड़ पर पहुंच जाएगी।  लखीमपुर के साथ-साथ धरोहरा, हरदोई, शाहजहांपुर में कुर्मी मतदाताओं का दबदबा है। रवि प्रकाश वर्मा के कांग्रेस का दामन पकड़ने से इंडिया गठबंधन में खीरी लोकसभा सीट पर रस्साकशी तेज हो सकती है। कांग्रेस रवि प्रकाश वर्मा का स्वागत करने को तैयार है। वहीं, सपा के लिए नुकसान की भरपाई करना मुश्किल हो जाएगा। 
                       खीरी से रवि प्रकाश वर्मा के कांग्रेस प्रत्याशी बनने पर सपा इंडिया गठबंधन को सीट दे सकती है? सपा नहीं चाहेगी कि परंपरागत सीट इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस को जाए। ऐसी स्थिति में दोनों पार्टियों के बीच टकराव साफ दिख सकता है। हालांकि, पिछले लोकसभा चुनाव में सपा ने पूर्वी वर्मा को खीरी से उम्मीदवार बनाया था। सपा-बसपा की संयुक्त प्रत्याशी पूर्वी वर्मा बीजेपी के अजय मिश्र टेनी से चुनाव हार गई थीं। अब लोकसभा आगामी चुनाव में कांग्रेस की खीरी सीट पर दावेदारी से इंडिया गठबंधन की दरार सतह पर सामने आ सकती है। 

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