डेंगू से ठीक होने के बाद कई मरीजों को कुछ दिनों या हफ्तों तक थकान, कमजोरी और शरीर में दर्द की शिकायत रहती है।लेकिन कुछ लोगों को बीमारी से उबरने के बाद बार-बार चीजें भूलने, काम पर ध्यान न लगा पाने, बातचीत के दौरान शब्द याद न आने या मानसिक रूप से सुस्त महसूस होने जैसी परेशानियां भी हो सकती हैं।
डेंगू का बुखार उतरने और प्लेटलेट्स सामान्य होने के बाद भी कुछ लोग मानसिक थकान, फोकस की कमी और बार-बार चीजें भूलने की शिकायत करते हैं।
ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह सिर्फ डेंगू के बाद की कमजोरी है या इसके पीछे कोई न्यूरोलॉजिकल कारण भी हो सकता है?न्यूरोलॉजिस्ट के मुताबिक, डेंगू के बाद कुछ समय तक शरीर और दिमाग दोनों को पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है।
लंबे समय तक रहने वाला बुखार, नींद की कमी, डिहाइड्रेशन, कम खाना, कमजोरी और बीमारी के दौरान शरीर पर पड़ा तनाव व्यक्ति की एकाग्रता और मानसिक प्रदर्शन को प्रभावित कर सकता है।इसलिए हल्की भूलने की समस्या या ध्यान में कमी हमेशा किसी गंभीर ब्रेन कॉम्प्लिकेशन का संकेत नहीं होती।
अगर याददाश्त या व्यवहार में बदलाव लगातार बढ़ रहा है, रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं या इसके साथ दूसरे न्यूरोलॉजिकल लक्षण भी हैं, तो इसे केवल कमजोरी मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
डेंगू के बाद शरीर को सामान्य स्थिति में लौटने में समय लग सकता है।इस दौरान मरीज को मानसिक थकान या brain fog जैसा अनुभव हो सकता है।इसमें ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई, चीजें याद करने में थोड़ी परेशानी, निर्णय लेने में धीमापन और लगातार मानसिक थकान महसूस होना शामिल हो सकता है।इसके पीछे नींद पूरी न होना, कम भोजन लेना, पर्याप्त पानी न पीना, लंबे समय तक बुखार रहने से हुई कमजोरी और तनाव जैसे कई कारण हो सकते हैं। कई मरीज बीमारी के दौरान शारीरिक गतिविधि भी काफी कम कर देते हैं, जिससे रिकवरी और धीमी महसूस हो सकती है।
डेंगू के गंभीर मामलों में संक्रमण का असर नर्वस सिस्टम पर पड़ना दुर्लभ रूप से देखा जा सकता है। इसलिए लक्षणों की प्रकृति और उनकी अवधि को समझना जरूरी है। केवल प्लेटलेट काउंट सामान्य होने का मतलब यह नहीं है कि हर मरीज पूरी तरह रिकवर हो चुका है; मरीज की क्लिनिकल स्थिति और न्यूरोलॉजिकल लक्षण भी महत्वपूर्ण हैं।
डेंगू से उबरने के बाद शरीर को पर्याप्त आराम देना चाहिए. नींद पूरी करें, डॉक्टर की सलाह के अनुसार पर्याप्त तरल पदार्थ लें और संतुलित आहार लें।कमजोरी कम होने पर धीरे-धीरे सामान्य शारीरिक गतिविधि शुरू की जा सकती है।
काम या पढ़ाई पर तुरंत पुराने स्तर का दबाव डालने के बजाय गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ाना बेहतर रहता है।सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि डेंगू के बाद थोड़ी थकान और ध्यान में कमी कुछ समय के लिए हो सकती है, लेकिन लगातार बढ़ती याददाश्त की समस्या, भ्रम या अन्य न्यूरोलॉजिकल बदलाव को सिर्फ कमजोरी समझना सही नहीं है। ऐसे लक्षणों में न्यूरोलॉजिस्ट से समय पर सलाह लेना जरूरी है।

