कौन है नालासोपारा का वह शख्स जिस पर लगा है 80 हिंदू लड़कियों को फंसाने का आरोप?

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महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा में 22 वर्षीय जिम ट्रेनर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आरिफ अयूब शेख पर युवतियों को प्रेमजाल में फंसाकर शोषण करने, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और धर्मांतरण का दबाव डालने के गंभीर आरोप लगे हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अब तक चार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं।मामले की गंभीरता को देखते हुए MBVV पुलिस ने डीसीपी स्तर के अधिकारी की अगुवाई में एसआईटी गठित की है।पुलिस डिजिटल सबूतों और फोरेंसिक जांच के आधार पर पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।

महाराष्ट्र के पालघर जिले के नालासोपारा में 22 वर्षीय जिम ट्रेनर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर आरिफ अयूब शेख के खिलाफ लगे गंभीर आरोपों ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है।शादी का झांसा देकर यौन शोषण, धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने और आपत्तिजनक वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने के आरोपों के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए मीरा-भाईंदर वसई-विरार (MBVV) पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक ने नालासोपारा पुलिस थाने का दौरा किया।उन्होंने घोषणा की कि पूरे मामले की जांच अब पुलिस उपायुक्त (DCP) स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में गठित विशेष जांच दल (SIT) करेगा।

आरोपी के खिलाफ चार एफआईआर दर्ज हो चुका है,जिसके अनुसारआरोपी का पूरा नाम: आरिफ अयूब शेख,उम्र: 22 वर्ष है।इसका कार्यक्षेत्र नालासोपारा, जिला पालघर है ,यह पेशा से जिम ट्रेनर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर है।इसपर मुख्य आरोप हिंदू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर शादी का झांसा देना, बलात्कार, जबरन धर्मांतरण का दबाव, मारपीट, अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करना और इन वीडियो को अंतरराष्ट्रीय पोर्न वेबसाइट्स पर बेचना है।

शिकायतों के अनुसार आरोपी पर कई युवतियों के आपत्तिजनक वीडियो और तस्वीरें बनाने के आरोप हैं। यह भी दावा किया गया है कि इनका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग और धन उगाही के लिए किया जाता था। पुलिस डिजिटल उपकरणों की जांच कर रही है।पीड़िता ने आरोप लगाया है कि उस पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाया गया। उसने दावा किया कि उसे बुर्का पहनने, कुरान सीखने और कुछ धार्मिक प्रथाओं का पालन करने के लिए मजबूर किया जाता था। इन आरोपों की सत्यता की जांच SIT कर रही है।

मामले में आरोपी की मां रुक्साना और चचेरे भाई साहिल को भी सह-आरोपी बनाया गया है।पीड़िता का आरोप है कि दोनों ने उस पर दबाव बनाने और प्रताड़ित करने में भूमिका निभाई। जांच के दौरान आरिफ के मोबाइल फोन से बड़ी संख्या में तस्वीरें और वीडियो मिलने की बात सामने आई है। पुलिस डेटा की फोरेंसिक जांच करा रही है ताकि आरोपों की पुष्टि की जा सके।
गृह राज्य मंत्री योगेश कदम ने कहा है कि महिलाओं को जाल में फंसाकर उनका शोषण करने के आरोप बेहद गंभीर हैं और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आयुक्त निकेत कौशिक ने कहा कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद कई तथ्य स्पष्ट होंगे।

मामले के सामने आने के बाद कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने इसपर अपनी नाराजगी जताई है। भारतीय जनता पार्टी के नेताओं, विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।वहीं पुलिस का कहना है कि जांच तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है। फिलहाल पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, गवाहों के बयान और अन्य उपलब्ध जानकारियों के आधार पर मामले की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। एसआईटी की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की विस्तृत तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

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