प्रधानमंत्री मोदी 17 सितंबर को अपने 76 वें जन्मदिन पर सिर्फ जीवन का एक और साल पूरा नहीं कर रहे, बल्कि ऐसे मोड़ पर खड़े हैं जहां उनके सामने बीते 75 साल की राजनीति के कई बड़े रिकॉर्ड झुक चुके हैं। जून 2026 में मोदी ने एक ऐसा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था, जिसे भारत की राजनीति में 64 साल तक कोई छू नहीं पाया था।उन्होंने लगातार सबसे लंबे समय तक चुने गए प्रधानमंत्री रहने के मामले में जवाहरलाल नेहरू को पीछे छोड़ दिया।अब सवाल यह है कि मोदी के नाम कौन-कौन से रिकॉर्ड दर्ज हो चुके हैं, कौन से रिकॉर्ड उनके बेहद करीब हैं और कौन से मुकाम तक पहुंचने के लिए उन्हें अभी लंबा सफर तय करना होगा।आइए जानते हैं इस रिपोर्ट में
देखा जाए तो 10 जून 2026 भारतीय राजनीति के इतिहास में एक अहम तारीख बन गई। इसी दिन नरेंद्र मोदी लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री रहने वाले नेता बन गए। उन्होंने जवाहरलाल नेहरू के 4,398 दिनों के लगातार निर्वाचित कार्यकाल का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। मोदी ने 4,399वें दिन के साथ यह उपलब्धि हासिल की और देश के लोकतांत्रिक इतिहास में नया रिकॉर्ड जोड़ दिया। हालांकि यहां एक दिलचस्प बात समझना भी जरूरी है। नेहरू का कुल कार्यकाल इससे कहीं लंबा था। वे 1947 से 1952 की अवधि यानि पहले चुनाव तक देश के प्रधानमंत्री रहे हैं, लेकिन तब यह आजादी के बाद की अंतरिम व्यवस्था का हिस्सा था। इसलिए लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कार्यकाल की तुलना में मोदी अब नेहरू से आगे निकल चुके हैं।
मार्च 2026 में मोदी ने एक और बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम किया।राज्य और केंद्र, दोनों स्तरों पर सरकार चलाने के कुल समय को जोड़ें तो वह भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक कार्यकारी पद पर रहने वाले नेता बन गए। उनके खाते में गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 12 साल से ज्यादा और प्रधानमंत्री के रूप में 12 साल से ज्यादा का कार्यकाल जुड़ चुका है। इसी के साथ उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया।
आजादी के बाद लंबे समय तक देश की राजनीति कांग्रेस के इर्द-गिर्द घूमती रही।ऐसे में किसी गैर-कांग्रेसी नेता के लिए लंबे समय तक सत्ता में बने रहना हमेशा मुश्किल माना जाता था।
2014 और 2019 में बीजेपी ने अपने दम पर बहुमत हासिल किया और मोदी का राजनीतिक कद राष्ट्रीय राजनीति में नई ऊंचाई तक पहुंच गया।
2024 के लोकसभा चुनाव के बाद जब मोदी ने तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, तब उन्होंने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की। वह लगातार तीन कार्यकाल तक प्रधानमंत्री बनने वाले भारत के सिर्फ दूसरे नेता बने।
इससे पहले यह उपलब्धि सिर्फ जवाहरलाल नेहरू के नाम थी। यानी इस मामले में मोदी ने नेहरू की बराबरी कर ली है।अब उनकी नजर अगले पड़ाव पर होगी। अगर 2029 में वह चौथी बार प्रधानमंत्री बनते हैं, तो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में ऐसा करने वाले पहले नेता बन जाएंगे।
हालांकि लगातार कार्यकाल के मामले में मोदी आगे निकल चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री के रूप में सबसे लंबे कुल कार्यकाल का रिकॉर्ड अब भी जवाहरलाल नेहरू के नाम है। नेहरू करीब 16 साल 286 दिन यानी 6,131 दिनों तक प्रधानमंत्री रहे। मोदी का कार्यकाल मई 2014 से शुरू हुआ था।इस रिकॉर्ड तक पहुंचने के लिए उन्हें 2029 के बाद भी प्रधानमंत्री बने रहना होगा। मौजूदा गणित के हिसाब से नेहरू का यह रिकॉर्ड तोड़ने के लिए उन्हें 2030 के अंत तक प्रधानमंत्री के पद पर बने रहने की जरूरत होगी।
भारतीय राजनीति का इतिहास सिर्फ नेहरू और मोदी तक सीमित नहीं है। इंदिरा गांधी का 15 साल से अधिक का शासन और राजीव गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस की 414 लोकसभा सीटों की ऐतिहासिक जीत आज भी रिकॉर्ड बुक में दर्ज है। 2019 में बीजेपी 303 सीटों तक पहुंची थी, लेकिन 414 का आंकड़ा अब भी दूर है। इसी तरह इंदिरा गांधी का लंबा कुल कार्यकाल भी भारतीय राजनीति के सबसे बड़े अध्यायों में शामिल है। यानी रिकॉर्ड बुक के कुछ पन्नों पर अब भी कांग्रेस युग का दबदबा कायम है।
पीएम नरेंद्र मोदी के नाम आज कई रिकॉर्ड दर्ज हैं।लगातार सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री, सबसे लंबे समय तक गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री, तीन लगातार कार्यकाल और राज्य-केंद्र मिलाकर सबसे लंबा शासन, लेकिन राजनीति में रिकॉर्ड कभी स्थायी नहीं होते। यही वजह है कि मोदी के 76वें जन्मदिन पर चर्चा सिर्फ उनके अतीत की नहीं, बल्कि भविष्य की भी है।क्या वह 2029 में चौथा कार्यकाल हासिल करेंगे? क्या वह नेहरू के कुल कार्यकाल का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे? और क्या बीजेपी कभी 414 सीटों के आंकड़े को छू पाएगी? इन सवालों के जवाब आने वाले वर्षों की राजनीति तय करेंगे।फिलहाल इतना जरूर है कि भारतीय राजनीति की रिकॉर्ड बुक में नरेंद्र मोदी का नाम कई अहम तथ्यों की वजह से दर्ज हो चुका है।

