Whatsapp के‘यूजरनेम’फीचर पर लग सकती है रोक,मोदी सरकार को धोखाधड़ी की चिंता

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Whatsapp के इस साल आने वाले ‘यूजरनेम’ फीचर पर रोक लगाई जा सकती है। सरकार को इस फीचर के कारण धोखाधड़ी और दूसरों के नाम पर फर्जी अकाउंट बनाने की चिंता सता रही है। रिपोर्टों के अनुसार, मोदी सरकार इस फीचर की जांच करेगी। उस प्रकार की खबरें आ रही है कि सरकार वॉट्सऐप के अपकमिंग ‘यूजरनेम’ (Username) फीचर पर रोक लगाने के लिए कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है। सोमवार रात वॉट्सऐप यूजरनेम फीचर की बुकिंग शुरू हुई थी। बड़ी संख्या में लोगों ने अपने यूजरनेम रिजर्व कराए हैं। हालांकि ऐसी खबरें भी आ रही है कि लोगों ने दूसरों के नाम पर यूजरनेम बुक किए हैं, जिनमें PMNarendraModi और Whatsapp जैसे नाम रिजर्व किए जाने की खबरें हैं।

वॉट्सऐप ने सोमवार रात इस फीचर को रोलआउट करने का ऐलान किया था। दावा था कि इस साल के आखिर तक यूजरनेम को लॉन्च किया जाएगा और लोगों को पहले से बताया जाएगा।
हालांकि मंगलवार सुबह कई लोगों ने सोशल मीडिया पर अपनी शिकायत में बताया कि उन्हें यूजरनेम बुक कराने में दिक्कतें आ रही हैं। पहले दिन ही लोगों को उनके नाम पर यूजरनेम नहीं मिल रहा था।
इसके अलावा, सोशल मीडिया पर ऐसे स्क्रीनशॉट शेयर हुए जिनमें बताया गया कि देश की प्रमुख हस्तियों जैसे प्रधानमंत्री आदि से जुड़े नामों से मिलते-जुलते यूजरनेम शेयर बुक कराए जा चुके हैं।
एक स्क्रीनशॉट ऐसा ही शेयर हुआ जिसमें कहा गया वॉट्सऐप नाम से किसी ने यूजरनेम को बुक कराया है।

वॉट्सऐप के अनुसार, वॉट्सऐप यूजरनेम कंपनी का अबतक का सबसे बड़ा प्राइवेसी फीचर है। इसे लोगों के फोन नंबर को सेफ रखने के लिए डिजाइन किया गया है। लोग अपना फोन नंबर किसी को बताए बिना उनसे वॉट्सऐप पर कनेक्ट हो पाएंगे। खास बात है कि लोग अपनी पसंद का यूजरनेम चुन सकते हैं। यह जरूरी नहीं कि वह यूजरनेम किसी अन्य ऐप के हैंडल से मेल खाता हो। वॉट्सऐप ने स्पष्ट किया है कि यह एक प्राइवेसी फीचर है, सोशल मीडिया हैंडल नहीं।
कंपनी ने बताया है कि फीचर को इस साल के अंत तक लाया जाएगा। हालांकि उससे पहले ही यूजरनेम को रिजर्व कराया जा सकता है। वॉट्सऐप के अनुसार, जब यह फीचर आ जाएगा, तो लोगों को उनके ऐप में नोटिफिकेशन मिल जाएगा। वॉट्सऐप ने सुझाव दिया है कि लोगों के लिए ऐसा अनोखा वॉट्सऐप यूजरनेम चुनना सही रहेगा, जो सिर्फ उन्हीं लोगों को पता हो जिनसे यूजर संपर्क करना चाहता है।

केंद्र सरकार ने इसे लेकर जिस चिंता को जाहिर किया है, वह गंभीर है। अगर इस फीचर का गलत उपयोग हुआ तो लोगों के साथ धोखाधड़ी हो सकती है। ऐसे में संभव है कि कानूनी विकल्पों पर विचार के कारण इस फीचर का भारत में आना इतना आसान ना हो।

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