हिंसा की आग में जल रहा हरियाणा , नूंह की हिंसा में पांच लोगों की मौत !

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न्यूज़ डेस्क 
मणिपुर की आग अभी शांत नहीं हुई थी कि हरियाणा जलने लगा। साम्प्रादिक हिंसा की चपेट में पहले नूंह आया और फील हिंसा की यह चिंगारी मेवात ,सोहना होते हुए गुरुग्राम तक पहुँच गया। अभी यह आग कई जिलों तक भड़क गई है। कई जगहों से साम्प्रदायिक हमले की जानकारी मिल रही है।           
  बता दें कि हरियाणा के नूंह में सोमवार को ब्रजमंडल 84 कोस शोभायात्रा पर पथराव और फायरिंग के बाद हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। पत्थरबाजी, गोलीबारी और आगजनी में दो होम गार्ड के जवानों की मौत हो गई है। गुरुग्राम में भी धार्मिक स्थल पर हमला हुआ है, इसमें एक की मौत हो गई है। नूंह हिंसा में डीएसपी समेत 12 पुलिस कर्मचारी घायल हैं। इसके अलावा 20 से अधिक आम लोग घायल हैं। इंटरनेट सेवा को बुधवार तक बंद कर दिया गया है। इसके साथ ही जिले की सीमाएं भी सील कर दी गई हैं। 
             आगजनी और हिंसा की खबरों के बीच आज हरियाणा के सीएम मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने नूंह में उत्पन्न हुई स्थिति पर बैठक की। उन्होंने कहा कि नूंह में जो कुछ भी हुआ वह दुर्भाग्यपूर्ण है, घटना का पता लगते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और प्रशासन को तुरंत भेजा गया। एक सामाजिक यात्रा जो हर वर्ष निकलती है जिसके ऊपर कुछ लोगों ने आक्रमण किया। पुलिस को भी निशाना बनाया गया। सुनियोजित और षडयंत्र पूर्ण तरीके से यात्रा को भंग किया गया, जो बड़ी साजिश की तरफ इशारा करती है। पुलिस पर भी आक्रमण किया और उस यात्रा को भंग करने का प्रयास किया। गाड़ियों को आग लगाई गई और आगजनी की घटना कुछ स्थानों पर सामने आई है। फिलहाल नूंह समेत सभी जगह स्थिति सामान्य है। अभी तक कई एफआईआर दर्ज की गई हैं, कुल 70 लोगों को अभी तक हिरासत में लिया गया है। कुल पांच लोग की मौत की अभी तक सूचना है, जिनमें दो पुलिसकर्मी और तीन आम नागरिक हैं। नूंह से बाहर के लोग जो इस घटना में शामिल थे उनकी पहचान की जा रही है। किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा। सभी नागरिकों से अपील कि शांति बहाली के लिए आगे आए।
              हरियाणा सरकार के आग्रह पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मेवात की कानून व्यवस्था की समीक्षा की। उसके बाद वहां पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों की बीस कंपनियों को भेजा गया है। इनमें सीआरपीएफ की चार कंपनियां, जिनमें दो महिला कंपनी भी शामिल हैं, भेजी गई हैं। इसके अलावा रेपिड एक्शन फोर्स की 12 कंपनियां तैनात की गई हैं। बीएसएफ और आईटीबीपी की दो-दो कंपनियां लगाई गई हैं। अभी तक इन कंपनियों को छह अगस्त तक मेवात में तैनात रहने का आदेश मिला है।
              नूंह हिंसा के बाद सोनीपत पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर है। जिले में धारा-144 लागू कर दी गई है। सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों के एकत्रित होने पर रोक लगा दी गई है। चार से अधिक लोग एक साथ एकत्रित नहीं हो सकेंगे। डीसीपी हेडक्वार्टर वीरेंद्र सिंह ने आदेश जारी किए हैं।
     उधर ,सोहना में पीस कमेटी की बैठक हुई। बैछक में दोनों पक्षों ने शांति और सद्भाव बनाने का आश्वासन दिया। डीसी निशांत कुमार यादव ने पीस कमेटी में पहुंचे लोगों से क्षेत्र में सामाजिक सौहार्द बनाने की अपील की। डीसी ने कहा कि किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें, सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। सोहना के विधायक संजय सिंह, पूर्व विधायक तेजपाल तंवर सहित बैठक में समाज के मौजिज लोग शामिल हुए। बैठक के बाद सोहना में फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है। सोहना में हालात सामान्य है। 
             नूंह के जिला उपायुक्त प्रशांत पवार और एसपी नरेंद्र सिंह बिजारणिया की अध्यक्षता में शांति वार्ता की बैठक संपन्न हुई। शहर के मौजिज लोगों ने आश्वस्त किया कि हिंसा को नहीं बढ़ने देंगे, शांति व्यवस्था बनाए रखने में पूरा सहयोग करेंगे। एसपी ने आरोपियों की पहचान करने में मदद करने की शांति कमेटी के सदस्यों से अपील की है। एसपी नूंह ने बताया कि अब तक इस मामले में 16 एफआईआर दर्ज हुई हैं। लगभग 60 लोगों के घायल होने की सूचना है। इनमें से तीन गंभीर रूप से घायल हैं। जिले में अर्धसैनिक बलों की 20 कंपनियां और हरियाणा पुलिस बल की भी 20 कंपनियां तैनात हैं। उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि जारी आदेशों का पालन करें और कोई भी व्यक्ति कानून हाथ में ना लें।

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