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तमाम विपक्षी विरोध के बाद भी आज पुणे के तिलक समारोह में एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने पीएम मोदी को सम्मानित किया और तिलक पुरस्कार भी दिया। इसके बाद शरद पवार ने कहा कि आपने देश के लिए जो काम किया है उसके लिए यह पुरस्कार आपको दिया जा रहा है। हम आपको सम्मानित करते हैं। एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा कि इससे पहले यह पुरस्कार पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेई, डॉ मनमोहन सिंह, शंकर दयाल शर्मा, इंदिरा गांधी को भी बाल गंगाधर तिलक पुरस्कार से नवाजा गया है। उन्होंने कहा आज इस लिस्ट में पीएम मोदी का भी नाम शामिल हो रहा है इसलिए मैं उनको दिल की गहराइयों से बधाई देता हूं।
पवार ने कहा बाल गंगाधर तिलक ने कहा कि देश की पहली सर्जिकल स्ट्राइक छत्रपति शिवाजी महाराज ने की थी। उन्होंने कहा कि बाल गंगाधर तिलक ने पुणे में रहते हुए केसरी अखबार शुरू किया था। उन्होंने कहा कि उनकी हमेशा से यही सोच रहती थी कि पत्रकारों पर किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं होना चाहिए।
बता दें कि नये बने विपक्षी गठबंधन इंडिया के लोगों ने पीएम मोदी के साथ तिलक पुरस्कार मिलने के कार्यक्रम में शरद पवार को पेश होने से रोका था। विपक्षी दलों के इस सुझाव को मानने से पवार ने इंकार कर दिया। इंडिया के सदस्यों कहना था कि ऐसे वक्त में जब बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर एक मोर्चा बनाया जा रहा है तो पवार का इस कार्यक्रम में शामिल होना विपक्ष के लिए अच्छा नहीं होगा। पवार ने उन सांसदों से मुलाकात नहीं की थी जो उनको इस समारोह में शामिल नहीं होने के लिए मनाना चाहते थे। लोकमान्य तिलक की विरासत का सम्मान करने के लिए 1983 में तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट द्वारा इस पुरस्कार की शुरुआत की गई थी। यह पुरस्कार हर साल एक अगस्त को लोकमान्य तिलक की पुण्यतिथि पर दिया जाता है।

