UP News: उत्तर प्रदेश सरकार ने स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से ‘एक जनपद, एक उत्पाद (ODOP) वित्त पोषण सहायता योजना 2026-27’ के तहत बलिया के प्रसिद्ध पारंपरिक व्यंजन बाटी-चोखा को विशेष पहचान देने की पहल की है। इस योजना के माध्यम से बाटी-चोखा से जुड़े व्यवसाय शुरू करने वाले उद्यमियों को बैंक ऋण के साथ सरकार की ओर से आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार का लक्ष्य बलिया के इस पारंपरिक स्वाद को देश ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाना है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जाएंगे।
किन कारोबारों को मिलेगा योजना का लाभ?
इस योजना के तहत बाटी-चोखा से जुड़े कई प्रकार के व्यवसायों को प्रोत्साहित किया जाएगा। इच्छुक उद्यमी निम्न क्षेत्रों में अपना कारोबार शुरू कर सकते हैं—
- होटल और रेस्टोरेंट
- फूड प्रोसेसिंग यूनिट
- पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग
- बिक्री केंद्र (सेल्स आउटलेट)
- अन्य खाद्य उत्पाद आधारित व्यवसाय
परियोजना लागत के अनुसार मिलेगी आर्थिक सहायता
सरकार ने अलग-अलग निवेश श्रेणियों के लिए अलग सहायता राशि तय की है।
- 25 लाख रुपये तक की परियोजना पर लागत का 25% या अधिकतम 6.25 लाख रुपये तक मार्जिन मनी सहायता मिलेगी।
- 25 लाख से 50 लाख रुपये की परियोजना पर 20% या अधिकतम 6.25 लाख रुपये तक सहायता दी जाएगी।
- 50 लाख से 1.50 करोड़ रुपये तक की परियोजना के लिए 10% या न्यूनतम 6.25 लाख रुपये (जो अधिक हो) का प्रावधान रखा गया है।
- 1.50 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर लागत का 10%, अधिकतम 50 लाख रुपये तक सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
महिलाओं और आरक्षित वर्ग को विशेष लाभ
योजना में महिलाओं और सामाजिक रूप से वंचित वर्गों को विशेष राहत दी गई है।
- सामान्य वर्ग के आवेदकों को परियोजना लागत का 10% स्वयं निवेश करना होगा।
- अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), अल्पसंख्यक, महिला एवं दिव्यांग आवेदकों के लिए यह अंशदान केवल 5% रखा गया है।
कौन कर सकता है आवेदन?
इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें निर्धारित की गई हैं—
- आवेदक की आयु 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- किसी विशेष शैक्षणिक योग्यता की अनिवार्यता नहीं है।
- प्रस्तावित व्यवसाय बलिया के ODOP उत्पाद ‘बाटी-चोखा’ से संबंधित होना चाहिए।
- आवेदक किसी राष्ट्रीयकृत बैंक का डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए।
- केंद्र या राज्य सरकार की किसी अन्य स्वरोजगार योजना का लाभ पहले से नहीं लिया होना चाहिए।
- पात्रता के समर्थन में निर्धारित प्रारूप में शपथ पत्र भी देना होगा।
आवेदन कहां करें?
योजना का लाभ लेने के इच्छुक उद्यमी जिला उद्योग प्रोत्साहन एवं उद्यमिता विकास केंद्र, बलिया में संपर्क कर सकते हैं। यहां आवेदन प्रक्रिया, पात्रता और आवश्यक दस्तावेजों से जुड़ी पूरी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

