UP Election 2027: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर बातचीत तेज होने की खबर है। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस गठबंधन में 200 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की दावेदारी कर रही है। पार्टी ने इसके लिए सीटों की एक सूची सपा को सौंपी है। हालांकि, सीटों के बंटवारे पर अंतिम सहमति बनना अभी बाकी है।
चार श्रेणियों में सीटों की पहचान
कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव के नतीजों को आधार बनाकर विधानसभा क्षेत्रों को A, B, C और D—चार श्रेणियों में बांटा है। पार्टी ने उन सीटों को प्राथमिकता दी है, जहां लोकसभा चुनाव के दौरान विधानसभा क्षेत्रवार उसका प्रदर्शन बेहतर रहा था।
कांग्रेस का कहना है कि संगठन सृजन अभियान के जरिए उसने जमीनी स्तर पर अपना संगठन मजबूत किया है। इसी आधार पर पार्टी 200 से ज्यादा सीटों पर दावा पेश कर रही है। कांग्रेस की कोशिश है कि 15 नवंबर तक सीट शेयरिंग पर बातचीत पूरी हो जाए, ताकि उम्मीदवारों को चुनाव प्रचार के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
प्रियंका गांधी निभा सकती हैं अहम भूमिका
इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के पार्टी नेताओं के साथ सीटों के बंटवारे पर करीब तीन घंटे तक चर्चा की थी। सूत्रों के अनुसार, सपा प्रमुख अखिलेश यादव के साथ गठबंधन वार्ता में प्रियंका गांधी की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ा था और उसे केवल दो सीटों पर जीत मिली थी। वहीं, 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के साथ गठबंधन के बाद पार्टी ने 17 सीटों पर चुनाव लड़कर छह सीटें जीतीं।
80 विधानसभा क्षेत्रों पर कांग्रेस की नजर
लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस 38 विधानसभा क्षेत्रों में आगे रही थी, जबकि 42 अन्य क्षेत्रों में दूसरे स्थान पर रही। पार्टी ने इन 80 क्षेत्रों को अपनी संभावित सीटों की सूची में शामिल किया है। इसके अलावा अजय राय, अजय लल्लू, सुप्रिया श्रीनेत और नदीम जावेद जैसे नेताओं से जुड़ी सीटों पर भी कांग्रेस की नजर है।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस अमेठी, रायबरेली और सहारनपुर की कुछ ऐसी विधानसभा सीटों पर भी दावा कर सकती है, जहां फिलहाल सपा के विधायक हैं। अब देखना होगा कि दोनों दलों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ती है और सीटों के बंटवारे पर कब तक सहमति बनती है।

