बीरेंद्र कुमार झा
बिहार में कॉमन सिविल कोड (UCC) लागू नहीं होगा।शनिवार को ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड दिल्ली के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की और अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।प्रतिनिधिमंडल में शामिल सदस्यों ने बताया कि मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने उन लोगों को आश्वस्त किया है कि बिहार में यूसीसी लागू नहीं होगा। इतना ही नहीं राष्ट्रीय स्तर पर भी वे इसका पुरजोर विरोध करेंगे।प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने कहा है कि यूसीसी को लेकर वह अपने पुराने स्टैंड पर कायम है।उन्होंने इस संबंध में पूर्व में ही विधि आयोग को अपना स्टैंड बता दिया है। वे अभी इसी स्टैंड पर कायम है।
मुख्यमंत्री ने दिया आश्वासन
प्रतिनिधिमंडल में भवन निर्माण मंत्री अशोक चौधरी और जेडीयू एमएलसी डॉक्टर खालिद अनवर भी शामिल थे। इसके अलावा ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के हजरत मौलाना ओबेदुल्लाह असदी,हजरत मौलाना अतिकुर्र रहमान बस्तवी,हजरत मौलाना बद्र अहमद और हजरत मौलाना अनिसुर कासमी शामिल थे।मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान पर्सनल बोर्ड के सदस्यों ने बोर्ड व अल्पसंख्यक समाज की समस्याओं की जानकारी दी और कहा कि पूरा देश खासकर अल्पसंख्यक असोकी तरफ आशाभरी निगाहें से देख रहा है।मुख्यमंत्री ने उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रदेश के हर वर्ग और तबके की सुविधा तथा उनकी परेशानियों के निराकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड विटारा समर्थन
गौरतलब है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड दिल्ली का प्रतिनिधिमंडल यूसीसी लागू नहीं कराने को लेकर समर्थन जुटाने के लिए विभिन्न पार्टियों के नेताओं से मुलाकात कर रहा है। यह प्रतिनिधिमंडल सीपीआई एमएल के नेताओं से भी मिल चुका है।इसी कड़ी में इस प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भी मुलाकात की है।
क्या है यूनिफॉर्म सिविल कोड
समान नागरिक कानून संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड का मतलब है कि सबके लिए एक नियम। इसके मुताबिक पूरे देश में सभी लोगों के लिए एक समान कानून के साथ ही सभी धार्मिक समुदायों के लिए विवाह, तलाक,विरासत,और गोद लेने के नियम एक होंगे। संविधान के अनुच्छेद 44 में भारत में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून का प्रावधान लागू करने की बात कही गई है।
इन देशों में है यूनिफॉर्म कॉमन सिविल कोड
इस समय दुनिया के कई देशों में समान नागरिक संहिता यानि यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू है। जिन देशों में यूनिफॉर्म सिविल कोड का पालन हो रहा है उनमें अमेरिका, पाकिस्तान ,बांग्लादेश,मलेशिया, तुर्कीए, इंडोनेशिया, सूडान, मिश्र और आयरलैंड जैसे देश शामिल हैं। इन सभी देशों में सभी धर्मों के लिए एक समान कानून है, और किसी धर्म या समुदाय विशेष के लिए अलग कानून नहीं है।
भारत में यूसीसी की स्थिति
भारतीय अनुबंध अधिनियम 1870 ,नागरिक प्रक्रिया संहिता ,संपत्ति हस्तांतरण अधिनियम 1883,भागीदारी अधिनियम 1932 ,साक्ष्य अधिनियम 1870, जैसे मामलों में सभी नागरिकों के लिए एक समान नियम लागू है, लेकिन धार्मिक मामलों में सबके लिए अलग-अलग कानून लागू है और इसमें बहुत अधिक विविधता भी है। भारत में सबसे पहले यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने वाला राज्य गोवा है जिसने 1962 ईस्वी में ही भारत सरकार की अनुमति से यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू किया था।अभी हाल में जब यूसीसी मामले ने जोर पकड़ा है, तब हरियाणा ने भी अपने राज्य में यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू करने की घोषणा की है।
