ट्रंप को जोर का झटका,अमेरिकी संसद में पास हुआ राष्ट्रपति के खिलाफ प्रस्ताव

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अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को लेकर अमेरिकी संसद ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झटका दिया है।अमेरिकी संसद ने सदन में युद्ध शक्तियों से जुड़ा एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसके तहत अमेरिकी सेना की कार्रवाई को सीमित कर दिया गया है।यह प्रस्ताव राष्ट्रपति ट्रंप के लिए चुनौती माना जा रहा है, क्योंकि ट्रंप के कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने इस मामले में डेमोक्रेट्स का समर्थन किया ।

गौरतलब है कि निचले सदन ने बुधवार को ईरान से युद्ध मामले में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सैन्य प्राधिकरण पर रोक लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी, और उन्होंने मैनेजमेंट को कड़ी फटकार भी लगाई।अमेरिकी संसद में यह प्रस्ताव 215-208 के मामूली वोट से पारित हुआ। यह फैसला उस समय हुआ जब रिपब्लिकन रिप्रेजेंटेटिव थॉमस मैसी, ब्रायन फिट्ज़पैट्रिक, टॉम बैरेट और वॉरेन डेविडसन ने पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर डेमोक्रेट्स के इस कदम का समर्थन किया।
यह बदलाव डेमोक्रेट्स की बार-बार कोशिशों के बाद आया है, जिसमें कांग्रेस के दोनों सदनों में ट्रंप की युद्ध शक्तियों को सीमित किया गया है।इस आंदोलन को रिपब्लिकन का समर्थन भी तेजी से मिल रहा है। युद्ध शक्तियों का संकल्प, प्रशासन की नीतियों को लेकर विधायिका के भीतर टकराव दिखाता है। सदन के स्पीकर माइक जॉनसन ने इस प्रस्ताव को रोकने की तमाम कोशिशें भी की, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।विरोध के बीच यह प्रस्ताव पास हो गया।वहीं, राष्ट्रपति ट्रंप के पास वीटो पॉवर है, जिसके द्वारा वे इस विधेयक को रोक भी सकते हैं।

इसके अलावा, सीनेट रिपब्लिकन ने बुधवार को इमिग्रेशन पैकेज पर बातचीत के दौरान ट्रंप के बॉलरूम सिक्योरिटी के लिए दी गई फंडिंग को आधिकारिक रूप से रोक दिया, क्योंकि सांसदों ने तय किया कि यह खर्च के नियमों का उल्लंघन है। यह कानून न्यूयॉर्क डेमोक्रेट ग्रेगरी मीक्स ने पेश किया, जो हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के रैंकिंग मेंबर हैं। मीक्स ने कार्यवाही के बाद कहा कि मैं बहुत खुश हूं कि हमें रिपब्लिकन साइड के कुछ मेंबर्स को खड़े होने का मौका मिला। मैं सच में बहुत खुश हूं और अपने डेमोक्रेटिक साथियों पर गर्व करता हूं, क्योंकि हर डेमोक्रेट, हर एक ने इसके लिए वोट किया।

उन्होंने आगे कहा कि हम अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे, हम यही कर रहे हैं। जब प्रशासन संविधान का पालन नहीं करेगा तो हम चेक एंड बैलेंस का काम करते रहेंगे।फ्लोर वोट पहले 21 मई को होना था, लेकिन रिपब्लिकन लीडरशिप ने अचानक रोक दिया क्योंकि ज्यादा गैरहाजिरी की वजह से तुरंत हार का खतरा था।

अमेरिकी मीडिया सीबीएस (CBS) न्यूज ने बताया कि सीनेटरों ने 50-47 वोटों से कमेटी से प्रस्ताव को हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है, जिसमें चार रिपब्लिकन सांसदों ने ज्यादातर डेमोक्रेट्स के साथ मिलकर इस फैसले का समर्थन किया है।गौरतलब है कि सीनेट डेमोक्रेट्स की तरफ से ऐसा प्रस्ताव पास करने का यह आठवां प्रयास था।

डेमोक्रेटिक सीनेटर टिम केन का पेश किया गया यह प्रस्ताव प्रेसिडेंट को ‘ईरान के अंदर या उसके खिलाफ दुश्मनी से यूनाइटेड स्टेट्स आर्म्ड फोर्सेस को हटाने का निर्देश देगा, जब तक कि युद्ध की घोषणा या मिलिट्री फोर्स के इस्तेमाल के लिए किसी खास ऑथराइजेशन से साफ तौर पर इजाजत न दी जाए।

अमेरिका की सीबीएस न्यूज के मुताबिक, डेमोक्रेट्स के साथ वोट करने वाले चार रिपब्लिकन सीनेटर सुसान कॉलिन्स, लिसा मुर्कोव्स्की, रैंड पॉल और बिल कैसिडी थे।इस डेवलपमेंट पर रिएक्शन देते हुए, कैलिफोर्निया से डेमोक्रेट सीनेटर एडम शिफ ने कहा कि सीनेट डेमोक्रेट्स ने एक बार फिर ‘गैर-संवैधानिक युद्ध’ को खत्म करने की मांग के लिए वोटिंग पर मजबूर किया है।

शिफ ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए लिखा कि आज, सीनेट डेमोक्रेट्स ने एक बार फिर इस गैर-संवैधानिक युद्ध को खत्म करने की मांग के लिए वोटिंग पर मजबूर किया।सात नाकाम कोशिशों के बाद, मैं शुक्रगुजार हूं कि मेरे रिपब्लिकन साथी हमारे वॉर पावर्स रेजोल्यूशन को फ्लोर पर लाने और युद्ध की घोषणा करने की हमारी संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने में शामिल हुए हैं।सीनेटर बर्नी सैंडर्स ने भी प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि अमेरिकी लोग ‘अंतहीन युद्धों पर अरबों डॉलर खर्च करने’ के खिलाफ हैं।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि आखिरकार, सीनेट रिपब्लिकन अपने वोटर्स की बात सुनने लगे हैं। अमेरिकी लोग कभी न खत्म होने वाले युद्धों पर अरबों खर्च नहीं करना चाहते।वे देश के सामने मौजूद बड़े संकटों को सुलझाना चाहते हैं।हमें इस गैर-संवैधानिक युद्ध को खत्म करना होगा।यह अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते से जुड़ी चल रही बातचीत के बाद हुआ है, जिसके बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कतर, सऊदी अरब और यूनाइटेड अरब अमीरात (UAE) की अपील के बाद तेहरान पर ‘प्लान्ड अटैक’ को रोकने का ऐलान किया था। ट्रंप ने आगे कहा कि वे ईरान पर ‘पूरे, बड़े पैमाने पर हमले के लिए तैयार हैं।

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