Bihar News: बिहार सरकार अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों के लिए शिक्षा और कल्याण योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने में जुटी है। इसी कड़ी में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण मंत्री लखेंद्र पासवान ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए कई बड़े ऐलान किए हैं। मंत्री ने बताया कि राज्य के डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालयों में जल्द ही 1048 शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा विद्यालयों में सफाई कर्मी, नाई, माली समेत विभिन्न पदों पर 365 कर्मियों की बहाली भी की जाएगी।
सचिवालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने विभाग की 100 दिनों की कार्ययोजना और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति का आकलन किया। उन्होंने अधिकारियों को लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द पूरा करने का निर्देश दिया।
1048 शिक्षकों की बहाली का रास्ता साफ
मंत्री लखेंद्र पासवान ने कहा कि अंबेडकर आवासीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को 1048 पदों पर नियुक्ति के लिए अधियाचना भेज दी गई है। इन पदों में प्रधानाध्यापक और शिक्षक दोनों शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए रिक्त पदों को जल्द भरना सरकार की प्राथमिकता है।
365 पदों पर होगी नई नियुक्ति
केवल शिक्षकों की ही नहीं, बल्कि विद्यालयों के सुचारु संचालन के लिए आवश्यक कर्मियों की भी नियुक्ति की जाएगी। मंत्री ने बताया कि सफाई कर्मी, नाई, माली और अन्य सहायक कर्मियों के कुल 365 पदों पर बहाली की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
इससे एक ओर विद्यालयों की व्यवस्थाएं बेहतर होंगी तो दूसरी ओर युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
हर विधानसभा क्षेत्र में खुलेगा अंबेडकर आवासीय विद्यालय
बैठक में मंत्री ने सरकार की महत्वाकांक्षी योजना का भी खुलासा किया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालय खोलने की दिशा में काम कर रही है।
इसके साथ ही हर प्रखंड में डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावास स्थापित करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है। यह कदम SC-ST छात्रों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
चार जिलों में शुरू हुआ नए आवासीय विद्यालयों का निर्माण
मंत्री ने जानकारी दी कि 720 छात्र क्षमता वाले अत्याधुनिक डॉ. भीमराव अंबेडकर आवासीय विद्यालयों का निर्माण चार प्रखंडों में शुरू हो चुका है।
इनमें शामिल हैं—
- वैशाली जिले का पातेपुर
- पश्चिम चंपारण का नरकटियागंज
- मुजफ्फरपुर का मीनापुर
- खगड़िया जिला मुख्यालय प्रखंड
इन विद्यालयों के शुरू होने से हजारों विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आवासीय सुविधाएं मिल सकेंगी।
18 जिलों में बन रहे सावित्रीबाई फुले छात्रावास
मंत्री ने बताया कि राज्य के 18 जिलों में स्वीकृत सावित्रीबाई फुले छात्रावासों का निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। सरकार का उद्देश्य है कि छात्राओं को सुरक्षित और बेहतर आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि वे अपनी पढ़ाई बिना किसी बाधा के जारी रख सकें।
महादलित टोलों में बन रहे सामुदायिक भवन
बिहार महादलित विकास मिशन के तहत महादलित बस्तियों में सामुदायिक भवन सह वर्कशेड निर्माण का कार्य भी तेजी से चल रहा है। अब तक 4983 सामुदायिक भवनों का निर्माण पूरा हो चुका है, जबकि 1025 भवनों का निर्माण कार्य जारी है।
इन भवनों का उपयोग सामाजिक, शैक्षणिक और सामुदायिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा।
रोजगार और कल्याण योजनाओं पर फोकस
मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक करोड़ युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इस लक्ष्य को हासिल करने में अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग की भी महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने यह भी बताया कि अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत अब तक 121 आश्रितों को नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है।
अधिकारियों को सख्त निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता से जुड़े महत्वपूर्ण मामलों की जानकारी तुरंत उपलब्ध कराई जाए और सभी योजनाओं का समयबद्ध एवं पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि समाज के वंचित वर्गों तक विकास की योजनाओं का लाभ तेजी से पहुंचे और शिक्षा, रोजगार तथा सामाजिक सशक्तिकरण के क्षेत्र में ठोस बदलाव दिखाई दे।

