पलामू के पाकी हिंसा के बाद शिव बारात पर रोक ,हिंदू आस्था पर चोट

0
109
  • बीरेंद्र कुमार झा

पलामू जिला के पांकी में हुए दो समुदायों के बीच हिंसक झड़प को चतरा के सांसद सुनील कुमार सिंह ने सुनियोजित साजिश करार दिया है उन्होंने कहा कि इसके पीछे आतंकवादी ताकतें शामिल है ।उन्होंने कहा पूरी तैयारी के साथ इस घटनाको अंजाम दिया गया है। इस हिंसा के तार अन्य प्रदेशों की आतंकवादियों से भी जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि जैसे महान पर्व को मनाने पर रोक लगाना हिंदुओं की आस्था पर प्रहार है यहां भय का वातावरण बनाया गया है ।

हिंदुओं के त्योहारों पर बेवजह दूसरे समुदाय के लोग पैदा करते हैं तनाव

सांसद सुनील कुमार सिंह ने कहा रामनवमी,दुर्गा पूजा ,होली और सरस्वती पूजा समेत अन्य हिंदू के त्योहारों पर दूसरे समुदाय के लोगों के द्वारा बेवजह तनाव पैदा किया जाता है। निर्दोष लोगों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ता है।सांसद ने कहा कि मामले की पूरी पारदर्शिता से जांच की जानी चाहिए और इसके लिए जरूरत पड़े तो इसकी उच्चस्तरीय जांच भी कराई जानी चाहिए ।उसके बाद ही इलाके में वातावरण बिगाड़ने की कोशिश करने वालों की करतूतों का पर्दाफाश हो सकेगा।

भय के साए में जी रहे हैं बाकी के लोग

सांसद सुनील सिंह ने पांकी की राहेवीर पहाड़ी मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा की झड़प और पत्थरबाजी की घटना के बाद पुलिसिया कार्रवाई के नाम पर नाबालिगा बच्चों को जबरदस्ती पकड़ा जा रहा है। पांकी की जनता भय के साए में जीने को मजबूर है। उन्होंने कहा कि प्रशासन को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए, निर्दोष लोगों पर कार्रवाई से पुलिस को परहेज करना चाहिए।

झारखंड सरकार को भुगतना होगा खामियाजा

इस बार शिवरात्रि में पांकी में शिव बारात नहीं निकली इस बात को लेकर पांकी के विधायक डॉ शशि भूषण मेहता सरकार से खासे नाराज हैं। उनका कहना है कि एक साजिश के तहत पांकी में उपद्रवियों के द्वारा इस प्रकार की घटना को अंजाम दिया गया ,और बाद में इस घटना को आधार बनाकर जिला प्रशासन ने पांकी में शिवरात्रि के अवसर पर शिव बारात नहीं निकालने दिया। उन्होंने कहा कि जल्दी ही इस घटना की साजिश रचने वालों का पर्दाफाश होगा साथ ही जिस षड्यंत्र के साथ घटना को अंजाम दिया गया है ,उसका खामियाजा राज्य सरकार को भुगतना पड़ेगा।

पहली बार पांकी के राहेवीर मंदिर में टूटी शिव बारात की परंपरा

गौरतलब है कि पुलिस प्रशासन की कड़ी चौकसी और सुरक्षा के बीच पाकी में महाशिवरात्रि पर्व मनाया गया। महाशिवरात्रि के अवसर पर भगवान भोलेनाथ की बारात इस बार नहीं निकाली जा सकी। पांकी की राहेवीर पहाड़ी मंदिर से महारात्रि के अवसर पर हर वर्ष भगवान शिव शंकर की बारात निकलने की परंपरा रही है, लेकिन पांकी की घटना के कारण बरसों पुरानी यह परंपरा इस बार टूट गई। प्रशासन के निर्देश पर राहेवीर पहाड़ी मंदिर सहित पांकी प्रखंड मुख्यालय स्थित शिव मंदिर में कड़ी सुरक्षा के बीच पूजा अर्चना की गई।
बीरेंद्र कुमार झा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here