सरकार – पहलवान बातचीत :सरकार ने शर्तों के साथ माँगा 15 जून तक का समय  

0
145


न्यूज़ डेस्क 

आज मोदी सरकार के खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ पहलवानों की करीब 6 घंटो तक लम्बी बातचीत चली। खेल मंत्री ठाकुर ने कहा कि एक्शन होगा लेकिन जांच पूरी होने दीजिए। हमें 15 जून तक का समय दीजिए लेकिन इस बीच प्रदर्शन नहीं होगा। पहलवानों ने हामी भर दी है। अनुराग ठाकुर से मुलाकात के बाद पहलवान साक्षी मलिक ने कहा कि सरकार ने 15 जून तक कोई विरोध प्रदर्शन न करने की अपील की है। हालांकि हमारा विरोध अभी खत्म नहीं हुआ है।         
  उधर, बजरंग पूनिया ने कहा कि सरकार के साथ हुई बैठक के बारे में खाप पंचायत प्रतिनिधियों से चर्चा करेंगे। सबकी सहमति से किसी नतीजे पर पहुंचा जाएगा। बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी पर खेल मंत्री जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि महिला पहलवानों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाएगा। हमने अनुरोध किया है कि पहलवानों के खिलाफ सभी एफआईआर वापस ली जानी चाहिए और वह इसके लिए सहमत हो गए हैं।
          अनुराग ठाकुर ने बताया कि पहलवानों के साथ सकारात्मक बातचीत बहुत संवेदनशील मु्द्दे पर हुई है। लगभग 6 घंटे चली इस बैठक में जिन मुद्दे पर चर्चा हुई है उसमें जो आरोप लगाए गए हैं उन आरोपों की जांच पूरी करके 15 जून तक चार्जशीट दायर की जाए और रेसलिंग फेडरेशन का चुनाव 30 जून तक किया जाए। रेसलिंग फेडरेशन की आंतरिक शिकायत समिति बनाई जाए और उसकी अध्यक्षता कोई महिला करे।
            पांच दिनों के भीतर पहलवानों और सरकार के बीच यह दूसरी बैठक थी। सात महिला पहलवानों द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाले बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पहलवानों ने शनिवार देर रात गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। अमित शाह ने भी पहलवानों को न्याय दिलाने का भरोसा दिया था। हालांकि यह मीटिंग बेहद गुपचुप तरीके से हुई थी।
          बता दें कि एक नाबालिग समेत सात महिला पहलवानों ने भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ पॉक्सो समेत दो केस दिल्ली में दर्ज कराए हैं। पहली बार पहलवानों ने 18 जनवरी को जंतर-मंतर पर धरना दिया था। लेकिन 19 जनवरी को पहलवानों की केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ बातचीत हुई।इस दौरान अनुराग ठाकुर की ओर से पहलवानों को मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। मामले में कोई ठोस कार्रवाई न होता देख पहलवान एक बार फिर 23 अप्रैल को जंतर-मंतर पर बैठे। 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here