अखिलेश अखिल
क्या यह लोकतंत्र लंपट तंत्र में तब्दील होता जा रहा है? जैसे -जैसे लोकसभा चुनाव नजदीक आ रहे हैं बीजेपी मुस्लिम समाज पर आक्रमण करती नजर आ रही है। संसद के भीतर जिस तरह से बीजेपी सांसद रमेश बिधूड़ी ने मुस्लिम बसपा सांसद दानिश अली को गालिया दी है उसे सुनकर और देखकर तो यह साफ़ हो गया है कि आने वाले समय में देश का माहौल और भी बिगड़ सकता है और हिन्दू मुसलमान का बड़ा खेल हो सकता है। अब मामला यह नहीं है कि दानिश अली को बीजेपी सांसद ने टारगेट किया है यह मामला तो उस संसद पर हमला है जहाँ लोकतंत्र को जीवित रखने की बात अभी दो रोज पहले ही प्रधानमंत्री मोदी कर रहे थे।
कल्पना कीजिये अगर यही गालियां किसी दूसरी पार्टी के नेताओं द्वारा दी गई होती तो देश के भीतर बवाल मच गया होता और लोकसभा के स्पीकर कोई बड़ा एक्शन ले लिए होते। प्रधानमंत्री मोदी भी अभी तक इस पर कुछ भाषण दे दिए होते। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ। संसद कलंकित हुआ ,लोकतंत्र कलंकित हुआ संविधान की भी धज्जियां उड़ा दी गई लेकिन बीजेपी सांसद पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
लंपट राजनीति की पराकाष्ठा तो और भी देखने को मिली जब बीजेपी सांसद बिधूड़ी दानिश को गलियां दे रहे थे और बीजेपी के दो सांसद रविशंकर प्रसाद और हर्षवर्धन ठहाका लगा रहे थे। इन दोनों बुजुर्ग नेताओं के बारे में क्या कहा जाये ! उनकी राजनीति के क्या कहने ! रविशंकर प्रसाद बिहार से आते हैं। बिहार में अक्सर इस तरह की घटना बहुत कम ही होती है लेकिन लगता है कि बीजेपी की राजनीति में जीकर वे बहुत कुछ सीख गए हैं। प्रसाद कानून के जानकार भी है लेकिन उनका ठहाका यह बता रहा है कि वे किसी फिल्म को देख रहे हैं। वे बिधूड़ी को रोक भी सकते थे लेकिन जब अला कॉमन के कहने से ही यह सब हो रहा था तो प्रसाद की औकात ही क्या है। उधर हर्षवर्धन की भी यही कहानी है। इन नेताओं को भारत की अंध भक्त राजनीति भले ही चुनाव में वोट डालकर फिर से संसद में भेज दे लेकिन देश की बहुसंख्यक जनता अब इन्हे जान पहचान गई है।
उधर कर्नाटक में एक मस्जिद के गुंबद पर भगवा झंडा लगा देने की खबर सामने आयी है। कर्नाटक के बीदर में असामाजिक तत्वों ने माहौल बिगाड़ने की कोशिश की है। यहां 21 सितंबर की रात एक मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा लगाने की घटना सामने आई है। पुलिस ने बताया कि फिलहाल मस्जिद के ऊपर से झंडा हटा दिया गया है। वहीं अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक घटना बीदर के धन्नूर में हुई। अधिकारियों ने बताया कि शुक्रवार सुबह इस्माइल खान नामक स्थानीय निवासी नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद में गए तो उन्होंने देखा कि मस्जिद के ऊपर किसी ने भगवा ध्वज लगा दिया है। इसके बाद वहां पहुंचे अन्य लोगों ने पुलिस को सूचित किया।
अधिकारियों ने बताया कि अज्ञात लोगों ने मस्जिद के ऊपर भगवा झंडा फहराकर शांति भंग करने की कोशिश की। उन्होंने झंडे को छड़ी से बांधकर मीनार पर रख दिया। असामाजिक तत्वों की इस हरकत से मुस्लिम समुदाय में नाराजगी है। हालांकि पुलिस ने आगामी खतरे को भांप कर लोगों को जल्द ही उपद्रवियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है।
ये दो घटनाएं बहुत कुछ बता रही है। बीजेपी किसी भी सूरत में आगामी लोकसभा चुनाव को जितना चाहती है और लगता है कि हिन्दू मुसलमान अजेंडे को वह और भी आगे बढ़ाने को तैयार है। अगर देश के भीतर यही सब होता रहा तो देश के लोकतंत्र की बर्बादी को कौन रोक सकता है।

