तेजस्वी यादव ने नितिन गडकरी को पत्र लिखकर धीमा कार्य चल रहे 5 नेशनल हाईवे का काम जल्द पूरा करने का किया आग्रह

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बीरेंद्र कुमार झा

नितिन गडकरी को भेजे पत्र में तेजस्वी यादव ने लिखा है कि केंद्र सरकार के तेज गति से काम के बावजूद भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा बनाए जा रहे कुछ सड़कों का काम काफी धीमा है। इससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने नितिन गडकरी से आग्रह किया है कि वे अपने अफसरों को उन नेशनल हाईवे का काम जल्द पूरा करने का निर्देश दें।

इसमें ये पांच सड़कें शामिल हैं

1. नेशनल हाईवे 107          2. नेशनल हाईवे 77           3. नेशनल हाईवे 19              4. नेशनल हाईवे 83 5. नेशनल हाईवे 107

अगर यह काम 2025 तक पूरा नहीं हुआ तो….

तेजस्वी यादव ने सबसे पहले महेशखूट- सहरसा- मधेपुरा- पूर्णिया (नेशनल हाईवे 107) का जिक्र किया है। इसका निर्माण 2017 से ही दो पैकेजों में किया जा रहा है। तीन जिला मुख्यालयों को बिहार राज्य से होकर गुजरने वाली आसाम रोड ( एनएच 31) से जुड़ने वाली अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क है। दूसरी सड़क हाजीपुर- मुजफ्फरपुर पथ (नेशनल हाईवे 77) है। इसमें 63 किलोमीटर लंबी सड़क को चार लेन में विकसित करने का काम चल रहा है। इस परियोजना के तहत 16.87 किलोमीटर लंबे मुजफ्फरपुर बायपास का भी निर्माण किया जाना है। अगर यह काम 2025 तक पूरा नहीं हुआ तो रियायत अवधि पूर्ण हो जाएगी और रियायतग्राही अपने सभी जिम्मेदारियों से मुक्त हो जाएगा। ऐसे में सारा भुगतान होने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरा रह जाएगा।

12 साल के बाद भी15 किलोमीटर सड़क का निर्माण नहीं

तेजस्वी यादव ने पत्र में लिखा है कि हाजीपुर- छपरा पथ ( नेशनल हाईवे 19) का निर्माण 2011 में शुरू किया गया था। लगभग 65 किलोमीटर लंबे इस पथ का 12 साल के बाद भी15 किलोमीटर सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। इसी तरह पटना- गया-डोभी पथ (नेशनल हाईवे 83) का काम 2015 से ही चल रहा है। तीन खंडों में बनाई जा रही इस परियोजना का सिर्फ 60 परसेंट काम ही हो पाया है।

दो रोड ओवर ब्रिज (ROB) और तीन बड़े पुुल का निर्माण धीमा

कहा है कि ऐसे ही वीरपुर- उदाकिशनगंज (नेशनल हाईवे 100) का लगभग 84 किलोमीटर का निर्माण कालीकरण स्तर तक किया गया है। लेकिन परियोजना के अंतर्गत प्रस्तावित दो आरओबी और तीन बड़े पुल के निर्माण की गति बहुत धीमी है। ऐसे में इस सड़क का निर्माण जल्द पूरा हो पाने की संभावना कम है। इसलिए अपने स्तर से अफसरों को निर्देश दें।

 

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