आदिवासी और विधवा होने की वजह से नई संसद में नहीं बुलाया गया राष्ट्रपति को:उदयनिधि स्टालिन

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बीरेंद्र कुमार झा

द्रविड़ मुन्नेत्र कड़गम की युवा शाखा के नेता और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के मंत्री पुत्र उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है,जिस पर राजनीति तेज हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति द्रोपति मुर्मू को ना तो पहले नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में और न हीं अब आमंत्रित किया गया ,क्योंकि वह विधवा है और आदिवासी समुदाय से आती हैं।उदयनिधि स्टालिन ने आगे कहा कि इसी को हम सनातन धर्म कहते हैं ।

गौरतलब है कि तमिलनाडु के युवा कल्याण और खेल विकास मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने पूर्व में अपनी सनातन विरोधी टिप्पणी से विवाद को बढ़ावा दिया था, जिस कारण देशभर में तीखी बहस हुई थी। इस दौरान बीजेपी ने इस मुद्दे को लेकर ऊनपर निशाना साधा था और विपक्षी गठबंधन पर जोरदार हमला किया था।

क्या यही है सनातन

द्रविड़ मुनेत्र कड़गम के एक कार्यक्रम में मंत्री उदयनिधि स्टालिन ने कहा कि द्रौपदी मुर्मू को ना तो कुछ महीने पहले नए संसद भवन के उद्घाटन में आमंत्रित किया गया था और ना ही उन्हें वर्तमान में इसके पहले सत्र में बुलाया गया,जहां 5 दिन का विशेष सत्र जारी है। लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित किया गया।उन्होंने कहा कि हमारे देश में प्रथम नागरिक राष्ट्रपति है और उनका नाम द्रौपदी मुर्मू है। उन्हें नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया था …….। क्या इसे ही हम सनातन कहते हैं।

सनातन धर्म विवाद पर बोले पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इंक्लूसिव एलाइंस इंडिया को घमंडियां गठबंधन करार देते हुए पिछले दिनों आरोप लगाया कि इसके नेताओं ने सनातन संस्कारों और परंपराओं को समाप्त करने का संकल्प लिया है।उन्होंने कहा कि यहां कुछ ऐसे दल भी हैं जो देश और समाज को विभाजित करने में जुटे हैं। इन्होंने मिलकर एक आई एन डी आई एलायस बनाया है। इसे कुछ लोग घमंडिया गठबंधन भी कहते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस घमंडियां गठबंधन की नीति और रणनीति भारत की संस्कृति पर हमला करने की है।इस ए एन डी आई एलियांस का निर्णय है कि भारतीयों की आस्था पर हमला करो। इस घमंडियां गठबंधन की नियत है कि भारत को जिन विचारों और संस्कारों ने हजारों वर्षों से जोड़ा है,उन्हें तबाह कर दो। यह घमंडीया गठबंधन वाले सनातन संस्कारों और परंपराओं को समाप्त करने का संकल्प लेकर आए हैं। जिस सनातन को महात्मा गांधी ने जीवन पर्यंत माना,जिस सनातन ने उन्हें अस्पृश्यता के खिलाफ आंदोलन चलाने के लिए प्रेरित किया।यह घमंडीया गठबंधन के लोग उस सनातन परंपरा को समाप्त करना चाहते हैं।

क्या है सनातन धर्म वाला मामला

तमिलनाडु के युवा कल्याण मंत्री उदय निधि स्टालिन ने सितंबर के पहले महीने में यह टिप्पणी का विवाद पैदा कर दिया कि सनातन धर्म सामानता एवं सामाजिक न्याय के विरुद्ध है और इसका उन्मूलन करने की जरूरत है। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के मंत्री पुत्र उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म की तुलना कोरोना वायरस,मलेरिया और डेंगू से करते हुए कहा था कि ऐसी चीजों का विरोध नहीं करना चाहिए बल्कि इनका उन्मूलन कर देना चाहिए।

 

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