आज पश्चिम बंगाल विधायक दल के नेता के चयन के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में अमित शाह कोलकाता पहुंचे। विधायक दल के नेता के चयन के लिए आयोजित बैठक में सर्वसम्मति से शुभेन्दु अधिकारी को बीजेपी विधायक दल का नेता चुना गया।केंद्रीय पर्यवेक्षक अमित साह के द्वारा पश्चिम बंगाल बीजेपी विधायक दल के नेता के रूप में शुभेंदु अधिकारी के नाम की घोषणा करने के बाद अब कल शुभेन्दु अधिकारी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे।
शुभेन्दु अधिकारी पश्चिम बंगाल का औपचारिक मुख्यमंत्री तो कल यानी 9 मई को शपथ ग्रहण के बाद बनेंगे, लेकिन इसकी अनौपचारिक शुरुआत 2020 ईस्वी में ही हो गई थी ,जब उन्होंने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस यानी टीएमसी को छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थामा था। इसके बाद 2021 ईस्वी में पश्चिम बंगाल के हुए विधानसभा चुनाव में इन्होंने नंदीग्राम से टीएमसी की नेता और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराकर यह संकेत दे दिया था कि पश्चिम बंगाल के भावी मुख्यमंत्री का बीज उनमें ही छिपा है। और आज पश्चिम बंगाल भारतीय जनता पार्टी विधायक दल के नेता चुने जाने के साथ ही उनके अंदर छिपे भावी मुख्यमंत्री के बीज से अंकुर निकल आया है।आइए एक नजर डालते हैं शुभेन्दु अधिकारी के अब तक के राजनीतिक सफरनामा पर।
शुभेन्दु अधिकारी का जन्म 15 दिसंबर, 1970 को हुआ था। शुभेन्द अधिकारी के पिता शिशिर अधिकारी पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। शुभेन्दु अधिकारी को राजनीति विरासत में मिली है। उन्होंने पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक सफर तय किया है और अब वे मुख्यमंत्री की कुर्सी पर विराजेंगे। वे 2005 में पहली बार विधायक बने थे। इसके बाद 2009 और फिर ó2014 में तामलुक से लोकसभा के सदस्य चुने गए। नंदीग्राम में भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन में उनकी भूमिका ने उन्हें बंगाल की राजनीति में ‘मेदिनीपुर का बादशाह’ बना दिया। दिसंबर 2020 में वह तृणमूल कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए। 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नंदीग्राम सीट से हराकर सबको चौंका दिया। इसके बाद वह मई 2021 से 2026 तक वे पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे। अब वह पश्चिम बंगाल में शीर्ष पद को संभालेंगे।
शुभेन्दु अधिकारी ने राजनीति में चुनाव जीतने की शुरुआत तब की थी जब वे 1995 में कांग्रेस से कंटई नगर पालिका के पार्षद चुने गए थे। ऐसे में उन्होंने 1995 से 2026 तक करीब तीन दशक बाद मुख्यमंत्री का पद हासिल किया है। शुभेन्दु अधिकारी के परिवार में दो भाई हैं। दिब्येंदु अधिकारी तामलुक से सांसद और विधायक रह चुके हैं। दूसरे भाई सौमेंद्र अधिाकरी कांथी नगर पालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं। वह वर्तमान में कांथी से सासंद हैं। शुभेन्दु अधिकारी अविवाहित हैं। हैं। शुभेन्दु अधिकारी की मां का नाम गायत्री अधिकारी है। उन्होंने अपना जीवन सामाजिक और राजनीतिक कार्यों के लिए समर्पित कर रखा है। शुभेन्दु अधिकारी शनिवार (9 मई) को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण करेंगे।

