नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर दोनों चुनाव आयुक्तों की अनदेखी करते हुए SIR (Special Intensive Revision) से जुड़े फैसले लेने के आरोपों को लेकर दायर याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। मामले में कोर्ट ने भारत निर्वाचन आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों के साथ-साथ केंद्र सरकार को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ ने की। पीठ में जस्टिस जॉयमाला बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल रहे। अदालत के समक्ष कुल तीन याचिकाओं पर सुनवाई हुई, जिन्हें शैलेंद्र मणि त्रिपाठी, राकेश कुमार सिंह और सुधाकर सिंह की ओर से दायर किया गया है।
न्यूज रिपोर्ट के आधार पर आदेश देने से कोर्ट का इनकार
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से रखी गई दलीलों पर अदालत ने सावधानी बरतते हुए कहा कि केवल मीडिया रिपोर्ट के आधार पर कोई आदेश पारित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने कहा कि संबंधित रिपोर्ट पूरी तरह सही हो सकती है, कुछ हिस्से सही हो सकते हैं या फिर उसमें गलत जानकारी भी हो सकती है।
अदालत ने यह भी संकेत दिया कि अगले 10 दिनों में ऐसा कुछ अपरिवर्तनीय नहीं होने जा रहा है। यदि आगे चलकर किसी कार्रवाई में गड़बड़ी पाई जाती है तो कोर्ट के पास उसे रद्द करने का अधिकार मौजूद रहेगा।
‘अकेले फैसला लेने का अधिकार नहीं’, वकील ने उठाया सवाल
सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने दलील रखी कि संबंधित कानून के मुताबिक चुनाव आयोग में निर्णय बहुमत या सर्वसम्मति के आधार पर लिए जाने चाहिए। उनका तर्क था कि आयोग में किसी एक सदस्य द्वारा अकेले निर्णय लेने की व्यवस्था नहीं है।
याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि SIR से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण निर्णय चुनाव आयोग के स्तर पर एकतरफा तरीके से लिए गए। इसी आधार पर इन फैसलों को चुनौती दी गई है।
रिकॉर्ड सुरक्षित रखने की मांग, कोर्ट ने नहीं दिया निर्देश
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील ने अदालत से मामले से जुड़े रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने का निर्देश देने की मांग भी की। हालांकि, कोर्ट ने इस संबंध में तत्काल कोई आदेश पारित नहीं किया।
CEC को निलंबित करने की मांग पर भी राहत नहीं
सुनवाई के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निलंबित किए जाने की मांग से जुड़ी याचिका पर भी अदालत ने फिलहाल कोई अंतरिम आदेश देने से इनकार कर दिया है।
अब इस मामले की अगली सुनवाई अगले सप्ताह होगी। चुनाव आयोग, CEC ज्ञानेश कुमार, दोनों चुनाव आयुक्तों और केंद्र सरकार की ओर से अदालत में जवाब दाखिल किया जाएगा।

