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सुप्रीम कोर्ट ने आज मंगलवार को मोदी सरकार को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने ईडी प्रमुख संजय कुमार मिश्रा के तीसरे कार्य विस्तार को अवैध माना है। शीर्ष अदालत ने संजय मिश्रा के कार्यकाल को आगे बढ़ाने के आदेश पर रोक लगाते हुए उनके कार्यकाल को और भी छोटा कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि मिश्रा 31 जुलाई तक अपने पद पर बने रह सकते हैं। बता दें कि संजय मिश्रा का कार्यकाल 18 नवंबर को खत्म होना था।
जस्टिस बीआर गवई, जस्टिस विक्रम नाथ और संजय करोल की पीठ ने माना कि संजय मिश्रा का सेवा विस्तार सुप्रीम कोर्ट की एक खंडपीठ की ओर से दिए गए 2021 के फैसले के विपरीत था, जिसमें अदालत ने मिश्रा को नवंबर 2021 से आगे विस्तार देने से रोकने के लिए एक आदेश जारी किया था। बता दें कि यह फैसला प्रवर्तन निदेशालय के वर्तमान निदेशक संजय कुमार मिश्रा के कार्यकाल के विस्तार को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर आया है।
बता दें कि संजय मिश्रा को पहली बार नवंबर 2018 में दो साल के कार्यकाल के लिए ईडी निदेशक नियुक्त किया गया था। यह कार्यकाल नवंबर 2020 में समाप्त हो गया। मई 2020 में वे 60 वर्ष की सेवानिवृत्ति की आयु तक पहुंच गए।
हालांकि, 13 नवंबर 2020 को केंद्र सरकार ने एक कार्यालय आदेश जारी किया जिसमें कहा गया कि राष्ट्रपति ने 2018 के आदेश को इस आशय से संशोधित किया था कि ‘दो साल’ की अवधि को ‘तीन साल’ की अवधि में बदल दिया गया था। इसे एनजीओ कॉमन कॉज ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुप्रीम कोर्ट ने सितंबर 2021 के फैसले में संशोधन को मंजूरी दे दी लेकिन मिश्रा को और विस्तार देने के खिलाफ फैसला सुनाया था।
सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार को दिया बड़ा झटका ,ईडी प्रमुख संजय कुमार के तीसरे कार्य विस्तार को माना अवैध
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