अखिलेश अखिल
महाराष्ट्र का दंगल अभी ख़त्म नहीं हुआ है। सच तो यही है कि महाराष्ट्र का असली दंगल अब शुरू होने जा रहा है। इस दंगल की शुरुआत में न शिंदे की राजनीति बचेगी और न ही अजित पवार का जुगाड़ तंत्र। बीजेपी की हालत तो ऐसी होगी कि वह महाराष्ट्र की राजनीति से ही कही बेदखल न हो जाए। लम्बे समय के बाद महाराष्ट्र में मराठा मिजाज जाग गया है। पहले मराठी और गुजराती समाज के बीच खूब खींचतान थी। समय के साथ बहुत कुछ बदला लेकिन जबसे बीजेपी ने शिंदे और अजित पवार के जरिये सूबे की दो बड़ी पार्टी को तबाह किया है उससे अब मराठा मानुष को भी लगने लगा है कि हालिया राजनीति में जो भी हो रहा है वह सब बीजेपी की करतूत है और इस खेल का असली चेहरा पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ही ही। एनसीपी की टूट न मराठा मानुष को कुछ ज्यादा ही जागृत कर दिया है।
महाराष्ट्र में अभी मानसून स्तर की शुरुआत होनी है। इसके साथ ही शिंदे कैबिनेट का विस्तार भी होना है। शिंदे के 16 विधायकों पर सुप्रीम कोर्ट से लेकर विधान सभा अध्यक्ष की नजर टिकी है। सत्र से पहले शिंदे के विधायकों पर फैसला भी होना है। इसके बाद अजित पवार खेमे की बारी है। चुकी शिंदे कांड की तरह ही अजित पवार कांड को भी अंजाम दिया गया है। इस खेल में चुनाव आयोग भी पीस रहा है। बदनामी भी हो रही है और उसका इकबाल भी कमजोर हो रहा है। सुप्रीम कोर्ट की निगाह चुनाव आयोग पर भी है।
इधर अब सबसे बड़ा खेल शिंदे गुट में होने की शुरुआत होती दिख रही है।अजित पवार ने डिप्टी सीएम और उनके साथ आए 9 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ भी ली है। साथ ही अब शिंदे गुट और बीजेपी वाले विधायकों को भी मंत्री बनाए जाने की भी आशंकाएं कम नजर आ रही हैं। शिंदे और बीजेपी के विधायकों को लग रहा है कि अजित पवार के आने के बाद अब उनका खेल बहुत नहीं रह गया है। यही वजह है कि शिंदे गुट के विधायक इस बात को लेकर बेचैन हैं कि उनका नाम कैबिनेट विस्तार में शामिल होगा या नहीं! इसके अलावा शिंदे गुट के दर्जन भर से ज्यादा विधायक पाला बदलने के फिराक में हैं।
हालिया खबर के मुताबिक कुछ विधायक उद्धव ठाकरे सेना के संपर्क में हैं। ऐसे विधायकों की संख्या करीब दस बतायी जा रही है। उधर उद्धव गुट भी इसी इन्तजार में हैं। नागपुर के इस सूत्र का दावा है कि महाराष्ट्र में आगामी एक सप्ताह के भीतर बड़ा खेल होने वाला है। सूत्र का दावा है कि शिंदे गट के बहुत से विधायक शिंदे से काफी नाराज चल रहे हैं और अब कई विधायकों ने शिंदे पर अंदरूनी कई हमले भी किये हैं। शिंदे की हालत तो सांप छछूंदर वाली हो गई है। उधर अजित पवार के बीजेपी के साथ आने के बाद शिंदे की जमीन खिसक गई है। सबसे बड़ी चिंता तो शिंदे को खुद के लिए हो रही है। सूत्र बताते हैं कि बाकी कई कई विधायक उद्धव गुट में तो चले जायेंगे लेकिन शिंदे आगे क्या करेंगे कहना मुश्किल है ? उनकी तो पूरी राजनीति ही फंसती जा रही है।
बता दें कि महाराष्ट्र सरकार में 14 अन्य मंत्रियों को शामिल किया जा सकता है। वर्तमान समय में महाराष्ट्र में तीन पार्टी मिलकर सरकार चला रही है। खबर है कि बीजेपी हाईकमान अपने ही कुछ मंत्रियों और शिंदे गुट के कई मंत्रियों के कामकाज से नाराज हैं। ऐसे में इन नेताओं की जल्द ही छुट्टी हो सकती है। इनके जगह पर नए विधायकों को मौका देने की चर्चा चल रही है। यह घटना जिस दिन घटेगी उस दिन महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे बड़ा बवाल होगा। शिंदे की राजनीति इसी दिन से ख़राब होती चली जाएगी।
