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मणिपुर में निर्वस्त्र महिलाओं को जिस तरह से परेड कराया गया है उससे सुप्रीम कोर्ट भारी गुस्से में हैं। शीर्ष अदालत ने कहा है महिलाओं को निर्वस्त्र करके परेड कराने का जो वीडियो सामने आया है वह परेशान करने वाला है। ऐसी घटनाओं को बिलकुल स्वीकार नहीं किया जा सकता। सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा है कि सरकार इस पर कार्रवाई करे नहीं तो हम इस पर कार्रवाई करेंगे। महिलाओं को सामन की तरह इस्तेमाल किया गया है ,हम इसे कटाई बर्दास्त नहीं कर सकते।
इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने कार्रवाई के निर्देश देते हुए राज्य सरकार से रिपोर्ट भी तलब की है। सुप्रीम कोर्ट ने बताया है कि अगले हफ्ते शुक्रवार को इस मामले पर सुनवाई होगी। इस मामले को लेकर सीजेआई चंद्रचूड़ ने कहा, “हमें इन तस्वीरों से धक्का पहुंचा है। हिंसा प्रभावित क्षेत्र में महिलाओं को सामान की तरह इस्तेमाल किया गया। हमें यह बताया जाए कि जो लोग इसके जिम्मेदार हैं, उन पर क्या कार्रवाई हुई।”
उधर ,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर परेड कराए जाने की घटना पर दुख जताते हुए कहा कि ये घटना किसी भी सभ्य समाज को शर्मसार करने वाली है और इससे पूरे देश की बेइज्जती हुई है। संसद का मॉनसून सत्र शुरू होने से पहले, मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने देशवासियों को विश्वास दिलाया कि इस मामले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और कानून सख्ती से एक के बाद एक कदम उठाएगा।उन्होंने कहा, ‘‘मणिपुर की बेटियों के साथ जो हुआ है… इसके दोषियों को कभी माफ नहीं किया जा सकता है।’’
प्रधानमंत्री ने सभी मुख्यमंत्रियों से अपने-अपने राज्यों में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने और खासकर महिलाओं की सुरक्षा के लिए कठोर से कठोर कदम उठाने का आग्रह किया।

