बीरेंद्र कुमार झा
पूर्व कृषि मंत्री सुधाकर सिंह एक बार फिर से तीखा बयान दिया। बिहार के सासाराम और नालंदा में हुई हिंसक वारदातों को प्रायोजित बताते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इसकी सही तरीके से जांच कराने की मांग की है। हमेशा सुर्खियों में रहने वाले आरजेडी विधायक सुधाकर सिंह ने रामनवमी जुलूस के दौरान हिंसक घटना को लेकर सोमवार को कहा कि यह राजनीतिक प्रायोजित घटना है।आने वाले दिनों में लोकसभा का चुनाव होने वाला है।ऐसी घटना में राजनीतिक दल शामिल हैं।साथ ही कुछ प्रशासनिक अधिकारी भी मिले हुए हैं।उनको चिन्हित करते हुए कार्यवाही करने की आवश्यकता है।
अमित शाह को तो कार्रवाई करनी चाहिए थी
बिहार सरकार पर अमित शाह के आरोपों पर सुधाकर सिंह ने कहा कि वे किस प्रकार की बात कर रहे हैं,वह तो खुद ही सरकार हैं। अमित शाह को तो कार्रवाई करनी चाहिए थी।इस मामले पर उन्हें बयान नहीं देना चाहिए। यह राजनीतिक दल को फायदा पहुंचाने वाली घटना है। अमित शाह के बयान से तो यह मालूम पड़ता है कि इस तरह की घटना में राजनीतिक दल शामिल हैं। वहीं आरजेडी के आरोपों का समर्थन करते हुए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के पुत्र सुधाकर सिंह ने कहा कि अगर पार्टी बोल रही है तो किसी आधार पर बोल रही होगी। इस मामले में वे पार्टी के बयानों से सहमत हैं।
आरजेडी और बीजेपी में आरोप-प्रत्यारोप
रामनवमी की हिंसा को लेकर सोमवार को सदन में जमकर हंगामा हुआ।बीजेपी, नीतीश सरकार पर आरोप लगा रही है। बीजेपी कह रही है कि अमित शाह के कार्यक्रम को रोकने के लिए यह दंगा कराई गई, बीजेपी ने दंगा के इस घटना को लेकर नीतीश कुमार का इस्तीफा मांगा। तो वहीं आरजेडी बीजेपी पर निशाना साध रही है।आरोप लगाया कि बीजेपी ने सासाराम और बिहारसरीफ में हिंसा कराया है। वीएचपी, आरएसएस और बीजेपी ने बिहार में दंगा कराया है।

