मुख्य सचिव की सख्त समीक्षा, PMG & PRAGATI योजनाओं में बड़ा एक्शन | विकास, स्वच्छता और सहकारिता को मिली रफ्तार

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मुख्य सचिव, बिहार, श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में आज मुख्य सचिवालय स्थित अधिवेशन भवन में केंद्र प्रायोजित प्रमुख पीएमजी (PMG) परियोजनाओं तथा प्रगति (PRAGATI) योजनाओं की एक संयुक्त उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई । इस बैठक में राज्य के ढांचागत विकास, सहकारिता और शहरी स्वच्छता से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति का जायजा लिया गया और कार्यों में तेजी लाने की रूपरेखा तय की गई।

एम्स (AIIMS) दरभंगा वाली महत्वपूर्ण परियोजना के तहत 400 KVA हाई टेंशन (HT) लाइनों को शिफ्ट करने का कार्य मिशन मोड में 15 मई 2026 तक पूरा करने का निर्देश दिया गया । मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि कैंपस में मिट्टी भराई और रिंग बांध के निर्माण हेतु तकनीकी प्रस्ताव जल्द से जल्द केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय को भेजा जाए।

इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC), गया इस महात्वाकांक्षी परियोजना से भविष्य में लगभग 1,10,000 रोजगार सृजित होने की उम्मीद है । मुख्य सचिव ने डोभी में प्रस्तावित औद्योगिक पुलिस स्टेशन (TOP) और हेलीपैड निर्माण की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा बाह्य ढांचागत सुविधाओं (जैसे जलापूर्ति एवं बिजली) की समयबद्ध उपलब्धता सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ।

जल मार्ग विकास परियोजना (JMVP) की भौतिक प्रगति 76.78% है । मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि आईडब्ल्यूटी (IWT) क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्र के विकास हेतु सरकारी भूमि के हस्तांतरण का कार्य शीघ्र पूरा हो।

सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान बताया गया कि राज्य के सभी 4477 स्वीकृत पैक्स को हार्डवेयर की आपूर्ति कर दी गई है और संबंधित कर्मियों का प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। अब तक 4476 पैक्स ‘ई-पैक्स’ (e-PACS) के रूप में घोषित किए जा चुके हैं तथा शेष बचे एक पैक्स को भी आगामी 7 दिनों के भीतर ऑनलाइन कर दिया जाएगा।

नगर विकास विभाग की समीक्षा में बताया गया कि राज्य के 45 डंपसाइटों पर मौजूद ‘लीगेसी वेस्ट’ (पुराने कचरे) में से 9 का उपचार पूर्ण हो चुका है और 13 पर कार्य प्रगति पर है। इसके अतिरिक्त, पटना में ‘वेस्ट टू एनर्जी’ प्लांट तथा मुंगेर एवं पटना में ‘वेस्ट टू वंडर पार्क्स’ की स्थापना पर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक के समापन पर मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत ने सभी विभागों के वरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग परियोजनाओं को निर्धारित डेडलाइन के भीतर पूर्ण करना सुनिश्चित करें। निर्माण कार्यों की गुणवत्ता उच्च स्तरीय होनी चाहिए; किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त जवाबदेही तय की जाएगी। भूमि अधिग्रहण, वन विभाग की क्लीयरेंस और बिजली उपयोगिताओं की शिफ्टिंग जैसे मामलों में संबंधित विभाग आपसी समन्वय बनाकर फाइलों का त्वरित निष्पादन करें। सहकारिता विभाग यह सुनिश्चित करे कि सभी पैक्स ई-आरपी (ERP) सॉफ्टवेयर का शत-प्रतिशत उपयोग करें। इसी प्रकार, नगर विकास विभाग कचरा ढोने वाले वाहनों में जीपीएस (GPS) लगाकर ‘स्वच्छतम पोर्टल’ एवं आईसीसीसी (ICCC) डैशबोर्ड के माध्यम से रियल-टाइम निगरानी सुनिश्चित करे। लीगेसी वेस्ट के उपचार के लिए लंबित निविदा प्रक्रियाओं को जल्द पूर्ण कर कार्य को धरातल पर उतारा जाए। नगर निकायों में ‘कम उपयोग, पुन: उपयोग और पुनर्चक्रण’ (RRR) के सिद्धांतों को कड़ाई से लागू किया जाए ताकि ‘कचरा मुक्त शहर’ (GFC) की स्टार रेटिंग में राज्य का प्रदर्शन बेहतर हो सके।

इस संयुक्त समीक्षा बैठक में वित्त विभाग, स्वास्थ्य विभाग, उद्योग विभाग, ऊर्जा विभाग, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, जल संसाधन विभाग, सहकारिता विभाग एवं नगर विकास एवं आवास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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