सचिव की अध्यक्षता में भवन निर्माण विभाग द्वारा कार्यान्वित योजनाओं की राजस्तरीय समीक्षा बैठक

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600 से अधिक पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूर्ण

250 से अधिक प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवनों का निर्माण प्रगति पर

प्रतिस्पर्धी एवं पारदर्शी तरीके से टेंडर की प्रक्रिया पूरी करें

गुणवत्तापूर्ण निर्माण हेतु नियमित रूप से स्थल निरीक्षण का निदेश

पटना, 05 मई , 2025-  भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री कुमार रवि की अध्यक्षता में आज अधिवेशन भवन, पटना में राजस्तरीय समीक्षा बैठक की गई। *बैठक में भवन निर्माण विभाग एवं बिहार राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा कार्यान्वित गृह (कारा) विभाग, अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, ग्रामीण विकास विभाग एवं सामान्य प्रशासन विभाग सहित 19 विभागों की योजनाओं की समीक्षा कर परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली गई।* इसके साथ ही गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य सुनिश्चित कराने एवं सतत अनुश्रवण तथा विभागीय शिकायत निवारण समिति से संबंधित बिंदुओं पर भी समीक्षा की गई।

उक्त समीक्षा बैठक में भवन निर्माण विभाग के अपर सचिव, संयुक्त सचिव, मुख्य अभियंता, निदेशक अनुश्रवण, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालक अभियंता तथा प्रशासी विभागों के नोडल पदाधिकारियों सहित अन्य कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक के दौरान प्रशासी विभागों की योजनाओं के कार्यों में तेजी लाने, कार्य योजना के अनुसार पीछे चल रही योजनाओं को तीव्र गति से पूर्ण करने एवं योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही समस्याओं के निराकरन हेतु गहन समीक्षा की गई। बैठक में सचिव के द्वारा सरकारी भवनों के अनुश्रवण एवं मेंटेनेंस सुनिश्चित करने हेतु अभियंताओं को निदेश दिया गया ताकि भवनों की सुरक्षा एवं रखरखाव सही तरीके से हो सके।

छपरा, दरभंगा, गया, जहानाबाद, कटिहार, खगड़िया और मधेपुरा सहित विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन आवासीय भवनों और कोर्ट रूम का निर्माण की भी समीक्षा की गई।
विभिन्न जिलों के मंडल कारा में हो रहे निर्माण को तेजी से पूर्ण करने को लेकर कार्यपालक अभियंताओं को आवश्यक निदेश दिया गया। उन्होंने हैंडओवर की प्रक्रिया भी पूर्ण करने हेतु निदेशित किया।

भवन निर्माण विभाग द्वारा राज्य में कुल 2615 पंचायत सरकार भवनों के निर्माण किया जा रहा है। 600 से अधिक पंचायत सरकार भवन का निर्माण पूर्ण कर लिया गया है। सचिव ने निर्देश दिया कि प्रत्येक माह लक्ष्य निर्धारित कर पंचायत सरकार भवनों का निर्माण पूर्ण करें।* अब तक 284 निर्मित पंचायत सरकार भवन पंचायती राज विभाग को हैंडओवर किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि शेष भवनों का निर्माण शीघ्र पूर्ण करें तथा हैंडओवर की प्रक्रिया में तेजी लाएं।

इस क्रम में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवन के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। राज्य के 240 प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय एवं 59 प्रखंडों में प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय एवं आवासीय परिसर भवनों का निर्माण किया जा रहा है। सचिव ने बताया कि 250 से अधिक प्रखंड-सह-अंचल कार्यालय भवनों का निर्माण कार्य चल रहा है। शेष भवनों के निर्माण हेतु निविदा/पुनर्निविदा की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

सचिव ने निविदा/पुनर्निविदा में विलंब को लेकर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने स्पष्ट निदेश दिया कि निर्धारित समयसीमा के अंदर टेंडर की प्रक्रिया पूरी करें। प्रतिस्पर्धी एवं पारदर्शी तरीके से टेंडर की प्रक्रिया पूरी कर जल्द ही शेष प्रखंडों में भी कार्य शुरू करने का निदेश दिया गया। उन्होंने मुख्य अभियंताओं को मॉनीटरिंग करने एवं लापरवाही पर अभियंताओं पर कार्रवाई करने के लिए भी निर्देश दिया।

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए राज्य में बड़ी संख्या में आवासीय विद्यालय एवं राजकीय छात्रावास का निर्माण किया जा रहा है। सचिव ने परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रमुखता से पूर्ण करें।

भागलपुर, सुपौल, वैशाली, सहरसा, किशनगंज, पटना सिटी सहित अन्य जिलों में स्थित अभियंत्रण महाविद्यालय में अतिरिक्त भवनों यथा – शैक्षणिक भवन, छात्रावास, ऑडिटोरियम का निर्माण प्रगति पर है, जिन्हें जल्द पूर्ण करने के लिए निदेशित किया गया। बैठक में स्पष्ट निदेशित किया गया कि लंबित कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण करें।

बक्सर, सिवान, नवादा, कैमूर, शिवहर अररिया, शेखपुरा, जमुई, औरंगाबाद, अरवल, नालंदा जिले में अटल कला भवन के कार्यों की समीक्षा की गई। प्रत्येक कला भवन की क्षमता 620 होगा।* लखीसराय जिले में 630 क्षमता का ऑडिटोरियम का कार्य फिनिशिंग स्टेज में है।

सचिव ने मुख्य सचिवालय एवं विकास भवन में चल रहे अग्निशमन कार्यों को जल्द पूर्ण करने हेतु निदेश दिया। उन्होंने कहा कि अग्निशमन कार्य को प्रमुखता से पूर्ण करें। इस दौरान अभियंत्रण महाविद्यालय में अतिरिक्त भवनों के निर्माण की भी समीक्षा की गई।

भवन निर्माण विभाग सहित 19 विभागों की समीक्षा के उपरांत निर्माण कार्य की गुणवत्ता सुनिश्चित कराने हेतु गुणवत्ता अनुश्रवण की रिपोर्ट की समीक्षा की गई।

सचिव ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य पर जोर देते हुए कहा कि गुणवत्ता में कमी पाएं जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। अभियंताओं को निदेशित किया गया कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण हेतु नियमित रूप से स्थल निरीक्षण करें एवं संवेदकों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक करें।* कार्यपालक अभियंता एवं संवेदक की जिम्मेदारी तय करें ताकि भवनों की गुणवत्ता सुनिश्चत हो।* निर्माण सामग्री मानक के अनुरूप हो ताकि निर्माण में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके। कार्यपालक अभियंताओं को ऑनलाइन पोर्टल PMIS को अपडेट करने के लिए कहा गया। PMIS पोर्टल पर डाले गए डेटा का उच्च स्तर पर निगरानी की जा रही है।

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