पटना: बिहार में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने और नए उद्यमियों को वित्तीय सहायता के विकल्पों की जानकारी देने के लिए उद्योग विभाग की पहल ‘स्टार्टअप बिहार’ के तहत राज्यव्यापी ‘स्टार्टअप बैंक कनेक्ट’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। राज्य के सभी 38 जिलों में एक साथ हुए इस जागरूकता अभियान में कुल 6,289 स्टार्टअप्स ने भाग लिया। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के जिलाधिकारी भी शामिल हुए।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य शुरुआती चरण में स्टार्टअप शुरू करने वाले युवाओं को फंडिंग, बैंकिंग सुविधाओं और सरकारी सहायता योजनाओं के बारे में जागरूक करना था। इसके लिए विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में स्थापित स्टार्टअप सेल्स के नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया।
बैंक लोन और सरकारी योजनाओं की दी गई जानकारी
कार्यक्रम में विद्यार्थियों और उभरते उद्यमियों को बैंकिंग प्रक्रिया, स्टार्टअप बिहार और स्टार्टअप इंडिया के अंतर्गत उपलब्ध सरकारी सहायता योजनाओं तथा संस्थागत वित्त प्राप्त करने के तरीकों से परिचित कराया गया। साथ ही, कारोबार शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय योजना बनाने की जरूरत पर भी चर्चा हुई।

बिना कोलेटरल लोन पर भी चर्चा
कार्यक्रम के दौरान उपलब्ध ऋण सुविधाओं, बिना किसी संपार्श्विक यानी कोलेटरल के ऋण और संस्थागत सहायता तंत्र से जुड़े पहलुओं पर संवाद किया गया। प्रतिभागियों को बताया गया कि स्टार्टअप को लंबे समय तक सफल बनाए रखने के लिए वित्तीय अनुशासन और मजबूत बिजनेस प्लान महत्वपूर्ण हैं।
युवाओं को उद्यमी बनाने की दिशा में पहल
स्टार्टअप बिहार का लक्ष्य राज्य में नवाचार, उद्यमशीलता और वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देना है। इस पहल के जरिए उभरते उद्यमियों को जरूरी जानकारी और वित्तीय संसाधनों तक पहुंच के अवसरों से अवगत कराने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि वे अपने विचारों को सफल व्यवसाय में बदल सकें।

बिहार सरकार के उद्योग विभाग की यह पहल इन्क्यूबेशन केंद्रों और स्टार्टअप सेल्स के नेटवर्क के माध्यम से स्टार्टअप्स को उनकी विकास यात्रा के विभिन्न चरणों में सहयोग प्रदान करती है।

