न्यूज़ डेस्क
ठगिनी राजनीति की तो यही पहचान है कि जहाँ सत्ता होती है उसी तरफ बेईमान नेताओं की भीड़ लगती है। ऐसे नेताओं का कोई आचार -विचार नहीं होता। कोई आदर्श भी नहीं। उनका आदर्श सत्ता से जुड़ा होता है और उसके नेता वही होते हैं जो उनके काम आ सके। राजनीति की यही सनातनी परंपरा है। झट और धोखा पर टिकी यह राजनीति आप हर जगह ,हर प्रदेश में देख सकते हैं। बहुत कम लोग ही इस देश में ऐसे हुए है जो आदर्शवादी राजनीति करते रहे हैं। लेकिन अब न ऐसे लोग रहे और न ही वह समय ही रहा।
मध्यप्रदेश में पिछले चुनाव के दौरान बीजेपी को कांग्रेस ने शिकस्त दी थी। सत्ता पर काबिज भी हुई कांग्रेस। लेकिन लालच और लोभ से भरे सिंधिया ने कांग्रेस का दमन छोड़ कर बीजेपी में चले गए और साथ ही दो दर्जन विधायकों को भी ले गए। कमलनाथ की सरकार गिर गई। इधर सिंधिया को राज्य सभा में जगह मिली और मंत्री भी बने। लेकिन जो लोग सिंधिया की भक्ति में कांग्रेस से निकल गए थे उन्हें क्या मिला ? कुछ भी तो नहीं। अब फिर चुनाव है। पाला बदलने का समय है। कांग्रेस से बीजेपी में गए अधिकतर लोग फिर से कांग्रेस में वापसी करने के फ़िराक में हैं। कह सकते हैं कि पूरी बीजेपी में भगदड़ का माहौल है।
शिवपुरी जिले के ज्योतिरादित्य सिंधिया समर्थक नेता राकेश गुप्ता ने बीजेपी छोड़ दी है। उन्होंने कांग्रेस का हाथ थामने का ऐलान किया है। राकेश गुप्ता 26 जून को भोपाल में कमलनाथ और पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करेंगे। सिंधिया समर्थक नेता माने जाने वाले राकेश गुप्ता ने बीजेपी से अपना इस्तीफा दे दिया है। इस्तीफा देने के बाद राकेश गुप्ता ने कहा कि वह बीजेपी में जाने के बाद अपने आपको ठगा महसूस कर रहे थे।
बीजेपी में उनका कोई सम्मान नहीं था। वह तो सिंधिया के साथ बीजेपी में चले गए थे। जिसके कारण उनका 40 साल का राजनीतिक करियर दागी हो गया। बीजेपी में उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंची है। इसलिए उन्होंने इस्तीफा दे दिया है। वह अपनी घर वापसी कर रहे हैं और कांग्रेस में जा रहे हैं।
इस्तीफा देने वाले राकेश गुप्ता शिवपुरी में कांग्रेस के कार्यकारी जिलाध्यक्ष रह चुके हैं। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ वर्ष 2020 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में जाने का निर्णय लिया था। राकेश गुप्ता का कहना है कि सिंधिया के साथ में वह बीजेपी में तो गए लेकिन वहां पर उन्हें कोई सम्मान नहीं मिला। ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ गए कुछ चुनिंदा विधायक और मंत्रियों को ही लाभ मिला। जबकि दूसरे सिंधिया समर्थक नेताओं के सम्मान को ठेस पहुंची। आने वाले दिनों में और भी कई सिंधिया निष्ठ भाजपा छोड़कर कांग्रेस में आएंगे।
बताया जा रहा है कि वर्तमान में राकेश गुप्ता शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस का टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि टिकट को लेकर के कांग्रेसी लीडरशिप ने उन्हें कोई बड़ा आश्वासन नहीं दिया है। ऐसा माना जा रहा है कि शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र में 30 हजार वैश्य वोटरों को देखते हुए कांग्रेस उन्हें उम्मीदवार बना सकती है। शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र से ज्योतिरादित्य सिंधिया की बुआ और वर्तमान में खेल मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया विधायक हैं। कांग्रेस के पास शिवपुरी विधानसभा क्षेत्र में जिताऊ चेहरे का की तलाश है।

