रांची (बीरेंद्र कुमार): अपनी भौगोलिक स्थिति को लेकर झारखंड नशा के सौदागरों के लिए एक पसंदीदा राज्य बन गया है। झारखंड की सीमा बिहार,बंगाल ,उत्तर प्रदेश, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ समेत 5 राज्यों से मिलने के कारण नशा के सौदागर झारखंड में खासकर पूर्वोत्तर राज्यों से नशीली चीजों का संग्रह झारखंड में करके उन्हें झारखंड के विभिन्न सीमावर्ती राज्यों में अवैध रूप से सप्लाई करते रहते हैं।
पड़ोसी राज्यों में नशा की सप्लाई करने की इसी क्रम में झारखंड से दो तस्कर नए वर्ष के अवसर पर कोलकाता स्थित एक बार में अफीम की सप्लाई करने जा रहे थे। इसी दौरान ये पुलिस के द्वारा हजारीबाग में 2 किलो अफीम के साथ गिरफ्तार कर लिए गए। पुलिस की पूछताछ में इन तस्करों ने बताया कि नए वर्ष में अफीम खपाने से अधिक दाम मिलता है।
गुप्त सूचना के आधार पर धराए अफीम के तस्कर
हजारीबाग के एसपी मनोज रतन चौथे को इस प्रकार की सूचना मिली थी कि चतरा से अफीम के तस्कर दो तस्कर हजारीबाग के रास्ते अफीम लेकर कोलकाता जा रहे हैं। इस सूचना के आधार पर सदर एसडीपीओ महेश प्रजापति के नेतृत्व में एक टीम गठित किया गया। एसडीपीओ के नेतृत्व में गठित टीम हजारीबाग के नया बस स्टैंड में छापामारी करने पहुंचे।
सूचना के अनुसार चतरा से अफीम लेकर आ रहे दोनो तस्कर हजारीबाग में उतर कर कोलकाता जाने वाली गाड़ी में बैठे। जैसे ही गाड़ी वहां से खुलने को हुई एसडीपीओ के नेतृत्व में छापामारी करने गई टीम ने दोनों तस्करों को गिरफ्तार कर लिया।इन तस्करों की बैग की तलाशी लेने पर पुलिस ने इनके बैग के अंदर प्लास्टिक में लपेटकर रखी गई दो किलो अफीम बरामद किया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस अफीम की कीमत 20 लाख रुपए आंकी जा रही है।

