विकास कुमार
राम मंदिर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा को लेकर शरद पवार ने बड़ा बयान दिया है। एनसीपी चीफ शरद पवार ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का ‘शिलान्यास’ उस वक्त हुआ था, जब राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री थे। शरद पवार ने कहा कि बीजेपी और आरएसएस केवल इस मुद्दे पर राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी और आरएसएस भगवान राम के नाम पर राजनीति कर रही है।
वहीं शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 दिन के अनुष्ठान करने पर भी सवाल खड़ा किया है। पवार ने कहा कि वे राम जी में प्रधानमंत्री की आस्था का सम्मान करते हैं लेकिन अगर पीएम गरीबी मिटाने के लिए व्रत रखने का फैसला करते तो लोग उसकी सराहना करते।
लोकसभा चुनाव के लिए गठित इंडिया गठबंधन के कई घटक दलों ने न्योता ठुकरा दिया है। वहीं अभी तक इसके लिए शरद पवार को न्योता नहीं मिला है, हालांकि शरद पवार का कहना है कि वह 22 जनवरी के बाद रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या जाएंगे। वहीं कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, टीएमसी और लेफ्ट पार्टी ने न्योता ठुकरा दिया है। कांग्रेस ने इसे बीजेपी और आरएसएस का प्राइवेट इवेंट बताया है। जबकि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि वह न्योता देने वाले को नहीं जानते। साफ है कि राम मंदिर को लेकर सत्ता और विपक्ष की राय बंटी हुई है।

