यूनेस्को की लिस्ट में भारत के 42 विरासत स्थल, शांतिनिकेतन और होयसल मंदिर शामिल

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बीरेंद्र कुमार झा

संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (UNESCO )की विश्व धरोहर समिति ने अंतत: अपने प्रतिष्ठित विरासत सूची में 27 नए स्थानों को जोड़ने का निर्णय लिया है। भारत के शांतिनिकेतन और होयसल के मंदिरों ने भी इस सूची में जगह बनाई है, जिससे यह एक खुशी और गर्व का विषय – वस्तु बन गया है।इस सम्मानित सूची में शामिल होने के लिए, उस विरासत को एक प्राकृतिक या सांस्कृतिक स्थल उत्कृष्ट सार्वभौमिक मूल्य का होना चाहिए और चयन के लिए इसे 10 अन्य मापदंडों में से कम से कम एक को पूरा करना चाहिए। इसे मानव रचनात्मक प्रतिभा की उत्कृष्ट कृति होनी चाहिए या इसमें असाधारण प्राकृतिक सौंदर्य और सौंदर्य महत्व के क्षेत्र होने चाहिए।

यूनेस्को ने विश्व धरोहरों में 27 नए विश्व धरोहर स्थल किया शामिल

यूनेस्को ने सोमवार को विश्व धरोहरों में शामिल 27 नए विश्व धरोहर स्थल पदनामों का अनावरण कर अपने निर्णय पर मोहर लगा दी है। इसमें भारत के शांति निकेतन और होयसल मंदिर के अलावा कंबोडिया के पवित्र मंदिर, चीन के प्राचीन चाय के जंगल और यूरोपीय शहर से सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र की एक विविध सूची शामिल है।

हाल ही में समिति ने रूसी आक्रमण के कारण यूक्रेन मे कई साइटों को अपने लुप्तप्राय की सूची सूची में जोड़ा था। कीव के सेंट सोफिया कैथेड्रल और लवीव को भी सूची में जोड़ा गया। यूनेस्को द्वारा यूनेस्को द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि सीधे हमले के खतरे का सामना करते हुए ये साइटें दो शहरों की बमबारी के कारण होने वाले झटका के प्रति भी संवेदनशील हैं।

यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल हुआ शांतिनिकेतन

पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिला में स्थित शांतिनिकेतन को यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल किया गया है। शांतिनिकेतन की शुरुआत रविंद्र नाथ टैगोर के पिता देवेंद्र नाथ टैगोर ने 1863 ईस्वी में एक आश्रम के तौर पर की थी। 1901 ईस्वी में रविंद्र नाथ टैगोर ने इसे प्राचीन भारत के गुरुकुल सिस्टम पर आधारित एक रेजिडेंशियल स्कूल और आर्ट सेंटर में बदल दिया।रविन्द्रनाथ टैगोर ने 1921इस्वी में यहां विश्व भारती की स्थापना की जिसे 1951 में सेंट्रल यूनिवर्सिटी और राष्ट्रीय महत्व का संस्थान घोषित किया गया। रविंद्रनाथ टैगोर ने अपने जीवन का एक लंबा समय यहां बिताया था। एक और आर्कियोलॉजिकल सर्वे आफ इंडिया ने बताया कि शांतिनिकेतन वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल होने वाली भारत की 41 में धरोहर है।लंबे समय से इसे हेरिटेज लिस्ट में शामिल करने की मांग की जा रही थी।

भारत में विश्व विरासतस्थलों की संख्या 42 हुई

कर्नाटक में होयसल राजवंश के 13वीं सदी के खूबसूरत मंदिरों को यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया है।इसके बाद भारत में ऐसे स्थानों की कुल संख्या 42 हो गई है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने यूनेस्को द्वारा इसे शामिल किए जाने की घोषणा के बाद एक बयान में कहा कि यह पूरे भारत के लिए बेहद खुशी और जश्न का मौका है। एएसआई ने कहा कि इस सफल नामांकन के साथ भारत में कुल मिलाकर 42 विश्व धरोहर संपत्तियां हैं। इसमें सांस्कृतिक श्रेणी में 34, प्राकृतिक श्रेणी में 7 और एक मिश्रित संपत्ति शामिल है। वर्तमान में भारत दुनिया में यूनेस्को साइटों की छठी सबसे बड़ी संख्या वाला देश है।बयान में कहा गया है कि जिन देशों में 42 या अधिक विश्व धरोहर है वह है स्पेन ,जर्मनी, चीन और फ्रांस।

पीएम मोदी ने जताई खुशी

पीएम मोदी ने कहा यह सभी भारतीयों के लिए गर्व का पल है। शांतिनिकेतन के यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुशी जताई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे खुशी है कि भारत की समृद्धि सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक शांति निकेतन को वर्ल्ड हेरिटेज लिस्ट में शामिल किया गया है। यह सभी भारतीयों के लिए गर्व का पल है।

होयसल के पवित्र मंदिर यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल

कर्नाटक में होयसल के पवित्र मंदिर समूह बेलूर हलेबिड और सोमनाथपुरा के होयसल मंदिरों को यूनेस्को की
विश्व विरासत की सूची में शामिल किया गया है।विश्व विरासत की सूची में शामिल होने वाली यह भारत की 42 वीं धरिहर है। मंदिर 12वीं 13वीं सदी में बनाए गए थे। कला एवं साहित्य के संरक्षक माने जाने वाले होयसल राजवंश की यह राजधानी थी।तीन होयसल मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के तहत संरक्षित स्मारक हैं।

भारत के शिलालेख विश्व विरासत समुदाय के लिए एक सम्मान

एएसआई ने कहा इस उत्कृष्ट पवित्र वास्तुकला में रचनात्मक प्रतिभा, वास्तु शिल्प उदारवाद और प्रतीकवाद का एक साथ आना इस होयसल मंदिरों को कला का एक सच्चा काम बनाता है और उनका शिलालेख वास्तव में भारत और पूरे विश्व विरासत समुदाय के लिए एक सम्मान है।

एएसआई ने यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शांतिनिकेतन के शिलालेख को एक महत्वपूर्ण उपलब्धि करार दिया है। एक्स पर एक पोस्ट में एएसआई ने कहा कि यह भारत के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है क्योंकि पश्चिम बंगाल के शांतिनिकेतन को आधिकारिक तौर पर @ ऑफ यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल किया गया है, जो भारत के 41वीं विश्व विरासत संपत्ति बन गया है।

 

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