बीरेंद्र कुमार झा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी में सेकुलरिज्म यानी धर्मनिरपेक्षता की नई परिभाषा दी ।प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत के इतने साल बाद लोकतंत्र सही मायने में सही लोगों तक पहुंचा है। पहले सिर्फ गिने-चुने लोगों के हित साधे जाते थे। बीजेपी सरकार में लाभार्थियों तक सभी योजनाओं का लाभ पहुंचा है ।आखरी लाभार्थी तक योजना का लाभ पहुंचाना ही सरकार के सेकुलर होने का सबसे बड़ा उदाहरण है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को 12,110 करोड़ की 29 विकास योजनाओं का लोकार्पण शिलान्यास, लाभार्थियों को पीपीसी कार्ड वितरण,पीएम स्वनिधि योजना के लाभार्थियों को ऋण वितरण, व पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के आवासों का गृह प्रवेश व चाभी वितरण के बाद वाराणसी के वाजिदपुर की जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
अखबारों में पहले घोटालों की खबरें रहती थी,अब परियोजनाओं की
पिछले 9 वर्षों में हमने सिर्फ एक परिवार या एक पीढ़ी के लिए काम नहीं किया बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए काम किया। 2014 से पहले जब भी हम बजट के बारे में चर्चा करते थे,कांग्रेस वाले हमेशा घाटे की बात किया करते थे हालांकि अब गरीबों के कल्याण और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए बजट की कोई कमी नहीं है।पहले अखबारों में घोटालों और काला बाजारों से जुड़ी खबरों की भरमार होती थी लेकिन अब वही अखबार नई परियोजनाओं के उद्घाटन से जुड़ी खबरों से भरी रहती है।
कांग्रेस, एसपी- बीएसपी का नाम लिए बिना किया हमला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस एसपी- बीएसपी आदि विपक्षी दलों का नाम लिए बिना कहा कि जिन दलों ने अतीत में नकाम सरकार चलाई,वे लाभार्थियों का नाम सुनकर ही तिलमिला जाते हैं।आज इतने साल बाद भारत में लोकतंत्र सही मायने में सही लोगों तक पहुंचा है। पहले सिर्फ गिने-चुने लोगों के हित साधे जाते थे।कि जिन दलों ने अतीत से नकाब सरकार ने चलाई गई वह लाभार्थियों का नाम सुनकर तिलमिला जाते हैं आज भारत के इतने साल बाद लोकतंत्र सही मायने में सही लोगों तक पहुंचा है पहले सिर्फ गिने-चुने लोगों के हित साधे जाते थे।बीजेपी सरकार में सभी लाभार्थियों तक योजनाओं को पहुंचाया गया। बीजेपी सरकार में आखरी लाभार्थी को खोज कर उसको योजनाओं का लाभ पहुंचाया गया ,इससे दलाली की दुकान बंद हो गई, भ्रष्टाचार की दुकान बंद हो गई। उन्होंने 2014 से एक दशक तक राज करने वाली कांग्रेस की सरकार पर खुलकर हमला बोला, उनकी नीयत पर भी सवाल उठाए।
आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखकर किया गया काम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में वाराणसी के लोगों को लुभाने के लिए स्थानीय बोली का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि “जे भी बनारस आइव, खुश होकर जाइव ” पीएम ने कहा कि आजकल काशी के लोग बहुत व्यस्त हैं। काशी में रौनक कुछ ज्यादा ही हो रही है। लोग बाबा विश्वनाथ को जल चढ़ाने पहुंच रहे हैं। विकास योजनाओं का बखान करते हुए उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना के अधिकतर घर महिलाओं के नाम नाम मिल रहे हैं।इनके नाम पर पहली बार कोई प्रॉपर्टी रजिस्टर हुई है।बीजेपी सरकार ने एक परिवार और एक पीढ़ी के लिए योजनाएं नहीं बनाई है,बल्कि आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखकर काम किया है।अबतक उनके शासनकाल में 4 करोड़ से अधिक परिवारों को पीएम आवास योजना के तहत पक्के घर मिल चुके हैं।

