न्यूज़ डेस्क
बिहार में बीजेपी का बड़ा नेता कौन ? सबके अपने अपने दावे हैं। कई नेता ऐसे हैं जो गिरोह बनाकर राजनीति करते हैं। कई लोग भावी मुख्यमंत्री के उम्मीदवार भी खुद को मानते हैं। एक गुट सुशील मोदी का है तो एक गुट गृह राज्य मंत्री राय का है। एक गुट मौजूदा प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी का बना है। इसके अलावे भी कई गुट हैं। किसी की किसी से नहीं बी रही है। उधर सारण से सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी भी अपनी राजनीति कर रहे हैं। वे पढ़े लिखे हैं और कुछ अलग तरह के नेता भी। बिहार को लेकर उनकी अपनी समझ भी है। ऐसे में वे भी बिहार के भावी मुख्यमंत्री के रूप में खुद को देखना चाहते हैं। वे यह दिखाना चाहते हैं कि बिहार और यहाँ के लोगों के लिए वे क्या कुछ कर रहे हैं।
ऐसे में ही बिहार सारण यानी छपरा से बीजेपी सांसद राजीव प्रताप रूडी ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि बाहुबली आनंद मोहन की रिहाई उनके प्रयासों से ही संभव हो सका है। रूडी ने कहा कि आनंद मोहन वर्षों से जेल की सजा काट रहे थे। मैंने ही उनके लिए अभियान चलाया जिससे उनकी रिहाई हो सकी। यह बिहार में मेरे अभियान की ही उपलब्धि है।
रूडी ने यह भी दावा किया कि उनके अभियान के कारण नीतीश कुमार सरकार के जाति आधारित सर्वेक्षण पर पटना उच्च न्यायालय ने रोक लगा दी थी। इस पर राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गई, लेकिन राहत नहीं मिली।उन्होंने कहा, मैं शुरू से ही जाति-आधारित सर्वेक्षण के खिलाफ था। इसलिए मैंने बिहार में एक अभियान शुरू किया और फिर मामला अदालत में पहुंचा। मेरे पास इसके पुख्ता सबूत हैं। मेरे प्रयासों के कारण, पटना उच्च न्यायालय ने अंतरिम रोक लगा दी है।
रूडी इस समय ‘विजन बिहार और एजेंडा 2025’ नामक एक अभियान चला रहे हैं, जो भाजपा से संबंधित नहीं है, और हर जिला मुख्यालय में जा रहे हैं। बुधवार को वे मुंगेर गए और अपने समर्थकों की बैठक में शामिल हुए।मौजूदा सांसद होने के बावजूद वह पार्टी की गतिविधियों से दूर रह रहे हैं।
रूडी ने यह भी कहा कि वह पिछले 35 वर्षो से राजनीति में हैं और भाजपा के वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी और उनके पूर्ववर्ती संजय जायसवाल के पिता उनके सहयोगी थे। सम्राट चौधरी भी मुंगेर से आते हैं। रूडी ने कहा, मैंने शकुनी चौधरी और मदन जायसवाल के साथ राजनीति की। मैं पहली बार 1990 में विधायक चुना गया और 1999 में लोकसभा सांसद बना और ये दोनों नेता उस समय विधायक और सांसद भी थे।

