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बंगाल में रेमल ने मचाई तबाही, असम ,बिहार और झारखंड समेत कई राज्यों राज्यों में अलर्ट

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पिछले कुछ दिनों से बंगाल की खाड़ी में बना उच्च दवाब चक्रवाती तूफान रेमल में बदलकर रविवार की रात पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के तटीय इलाकों से टकरा गया।भारतीय मौसम विभाग ने बताया है कि जिस वक्त तूफान की टक्कर तटों से हुई, उस वक्त हवा की रफ्तार 110-120 किमी प्रतिघंटा तक पहुंच गई थी।इसके बाद हवा की यह रफ्तार बढ़कर 135 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार तक भी पहुंच गई। रेमल चक्रवात ने रविवार की रात 8.30 बजे हुई तट से टकराना शुरू किया।टकराने का यह क्रम करीब चार घंटे तक चलता रहा।इस वजह से तटीय इलाकों में बड़े पैमाने पर नुकसान भी हुआ है।

प्रधान मंत्री ने की समीक्षा बैठक

रेमल तूफान की वजह से काफी नुकसान होने का अंदेशा पहले ही जताया गया था।इस वजह से भारत में लाखों लोगों को तटीय इलाकों से दूर कर दिया गया था और उन्हें सुरक्षित ठिकानों में भेजा गया था।इस बीच रविवार की शाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चक्रवाती तूफान रेमल से निपटने को लेकर की गई तैयारियों की समीक्षा के लिए एक बैठक की अध्यक्षता की।उन्होंने गृह मंत्रालय से स्थिति की निगरानी करने और चक्रवात के आने के बाद समीक्षा करने तथा सेवाओं की बहाली के लिए आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए कहा है।

रेमल ने कोलकाता समेत पश्चिम बंगाल के कई क्षेत्रों में मचाई तबाही

चक्रवाती तूफान रेमल के चलते बंगाल के कई हिस्सों में तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है।पश्चिम बंगाल में चक्रवाती तूफान रेमल का असर सोमवार को भी देखनेंको मिल रहा है।यहां 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। रेमल के चलते कोलकाता समेत कई जगहों पर तूफानी हवाओं के साथ भारी बारिश हुई, जिसके चलते कच्चे घरों की छतें उड़ गईं और बिजली के खंबे टूट गए।इतना ही नहीं हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई जगह पर पेड़ भी उखड़ गए।

कोलकाता में भारी बारिश के बाद कई जगहों पर जलभराव

चक्रवाती तूफान रेमल की लैंडिंग के बाद से ही कोलकाता में भारी बारिश जारी है।बारिश के चलते कोलकाता के कई इलाकों में जलभराव हो गया है।इतना ही नहीं तूफानी हवाओं के चलते कई जगह पेड़ उखड़ गए, जिसके चलते कई सड़कें जाम हो गई हैं।एनडीआरएफ समेत तमाम एजेंसियां इन्हें हटाने के काम में जुटी हैं।

कोलकाता में यातायात सेवा पर पड़ा असर

रेमल चक्रवात में 100 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा की दर से चलने वाले हवा और तेज बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए कोलकाता के नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट को रविवार दोपहर 12 बजे से लेकर सोमवार सुबह 9 बजे तक के लिए बंद किया गया था। इस वजह से 394 फ्लाइट्स कैंसिल हुई हैं या उन्हें रिशेड्यूल किया गया है। स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस ने रविवार को ही रिफंड का ऐलान कर दिया था।रेमल चक्रवात की वजह से कोलकाता में श्यामा प्रसाद मुखर्जी बंदरगाह ने भी ऑपरेशन सस्पेंड कर दिया है।भारतीय तट रक्षक (आईसीजी) ने यह सुनिश्चित किया कि समुद्र में जान-माल का कोई नुकसान न हो, दूरदराज के ऑपरेटिंग स्टेशनों ने जहाजों को सतर्क कर दिया है।नौ आपदा राहत टीमें तैयार हैं। इसके अलावा चक्रवाती तूफान की वजह से सड़क और हवाई सफर पर भी असर देखने को मिला है। कोलकाता से लेकर दक्षिणी बंगाल के जिलों में यातायात सेवाएं प्रभावित हुई हैं।पूर्वी और दक्षिण पूर्वी रेलवे ने कुछ ट्रेनें रद्द कर दी हैं।इसकी शुरुआत रविवार से ही हो गई थी।

खतरे की जगह से लोगों को हटाकर सुरक्षित स्थानों पर के गया गया

पश्चिम बंगाल सरकार ने तटीय और आसपास के क्षेत्रों से लगभग 1.10 लाख लोगों को निकाल लिया था।इन सभी लोगों को शेल्टर्स होम, स्कूलों और कॉलेजों में ठहराया गया है। इन लोगों में से एक बड़ी संख्या दक्षिण 24 परगना जिले, विशेष रूप से सागर द्वीप, सुंदरबन और काकद्वीप के लोगों की है।

असम, त्रिपुरा समेत इन राज्यों में अलर्ट

भीषण चक्रवाती तूफान रेमल के आने से पहले विभिन्न पूर्वोत्तर राज्यों में आपदा प्रबंधन अधिकारियों और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और जिला प्रशासनों को अग्रिम एहतियाती कदम उठाने के लिए कहा गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के पूर्वानुमान के अनुसार, चक्रवात रेमल रविवार आधी रात को तट पार कर सकता है, इस कारण पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप और बांग्लादेश के खेपुपारा के बीच भूस्खलन होने का अनुमान है।इस समय चक्रवात केंद्र के आसपास 110-120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल रही है।रफ्तार 135 किमी प्रति घंटे तक बढ़ सकती है। असम, मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर और मिजोरम सरकारों ने अलग-अलग सलाह जारी की है और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, जिला प्रशासन और अन्य संबंधित विभागों को अधिकतम सतर्क रहने और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) ने कहा कि आईएमडी ने 27 और 28 मई को असम के साथ-साथ अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

बांग्लादेश में चक्रवात रेमल से एक शख्स की मौत

बांग्लादेश के अधिकारियों ने कहा कि माना जाता है कि तूफान से एक युवक की मौत हो गई, क्योंकि समुद्री लहरें उसे बहा ले गईं और दक्षिण-पूर्वी पटुआखाली में कई लोग घायल हो गए।बांग्लादेश पुलिस के अनुसार, क्षमता के दोगुने,से अधिक यात्रियों से भरी एक नौका तूफान के रास्ते में मोंगला बंदरगाह के पास डूब गई।इसमें सवार लोग सुरक्षित स्थान की ओर भाग रहे थे,हालांकि, लोगों को बचा लिया गया जिन्हें कुछ चोट आई है।

झारखंड में रेमल चक्रवात को लेकर मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने झारखंड के 13 जिलों में आंधी के साथ बारिश एवं वज्रपात की चेतावनी जारी किया है।भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र ने इस संबंध में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।मौसम विभाग ने कहा है कि शक्तिशाली चक्रवात ‘रेमल’ का असर झारखंड के भी कई जिलों में देखने को मिलेंगे।27 मई को राज्य के कम से कम 13 जिलों में बादल गरजेंगे।तेज हवाएं चलेंगी।वज्रपात और वर्षा होने की भी संभावना है।मौसम विभाग ने पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, बोकारो, धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा, देवघर, दुमका, पाकुड़, गोड्डा और साहिबगंज के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।इसके अलावा राज्य 11 जिलों में 30 से 40 किमी की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और बारिश होगी ।इन11 जिलों में रांची, खूंटी, सिमडेगा, गुमला, लोहरदगा, रामगढ़, हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, लातेहार, पलामू और गढ़वा शामिल है जिसके लिए मौसम विभाग की ओर से येलो अलर्ट जारी किया गया है।यानी इन जिलों में हल्के से मध्यम दर्जे की वर्षा होगी. 30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगीं और कुछ जगहों पर वज्रपात भी हो सकता है।

रेमल चक्रवात को लेकर बिहार में अलर्ट जारी

रेमल चक्रवात का असर अब बिहार में भी देखने को मिल रहा है इस दौरान यहां कुछ जगहों पर करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं।पटना स्थित आईएमडी के वैज्ञानिक कुणाल कौशिक मेटे ने बताया कि गंभीर चक्रवर्ती तूफान रेमल का असर बिहार के पूर्वी इलाके में देखने को मिल रहा है।हालांकि बिहार में इसका मिला-जुला असर ही रहेगा लेकिन पूर्वी भाग के जिलों में मेघगर्जन और आंधी के साथ हल्के से मध्यम स्तर की बारिश होने की संभावना है।

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