Bihar News:बिहार के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने शुक्रवार को राजगीर स्थित विश्व प्रसिद्ध नालंदा विश्वविद्यालय के नव-निर्मित भव्य परिसर का विस्तृत भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय की आधुनिक सुविधाओं, शैक्षणिक गतिविधियों और पर्यावरण अनुकूल ‘नेट जीरो’ मॉडल की जमकर सराहना की।
मुख्य सचिव के साथ इस निरीक्षण दौरे में नालंदा के जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। विश्वविद्यालय पहुंचने पर उनका स्वागत विश्वविद्यालय के वरिष्ठ संकाय सदस्यों द्वारा किया गया।
प्राचीन विरासत और आधुनिक तकनीक का अद्भुत संगम

विश्वविद्यालय के अधिकारियों और संकाय सदस्यों ने प्रस्तुतीकरण के जरिए मुख्य सचिव को नालंदा विश्वविद्यालय के ऐतिहासिक महत्व और वर्तमान शैक्षणिक ढांचे की विस्तृत जानकारी दी। उन्हें बताया गया कि विश्वविद्यालय में ऐतिहासिक अध्ययन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण अध्ययन और बौद्ध अध्ययन जैसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्कूल संचालित किए जा रहे हैं।
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने विश्वविद्यालय के अत्याधुनिक पुस्तकालय, सुषमा स्वराज ऑडिटोरियम, योग परिसर और विभिन्न शैक्षणिक ब्लॉकों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि यह परिसर प्राचीन नालंदा की विरासत और आधुनिक तकनीक का बेहतरीन उदाहरण है।
‘नेट जीरो’ मॉडल बना आकर्षण का केंद्र

निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव ने विश्वविद्यालय के 6.5 मेगावाट क्षमता वाले सौर ऊर्जा फार्म, बायोगैस संयंत्र और जल संचयन प्रणाली में विशेष रुचि दिखाई। उन्होंने कहा कि नालंदा विश्वविद्यालय का ‘नेट जीरो कार्बन फुटप्रिंट’ मॉडल बिहार के अन्य संस्थानों के लिए भी प्रेरणादायक साबित हो सकता है।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में विश्वविद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भविष्य में इस मॉडल को अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी अपनाया जा सकता है।
‘पूरी दुनिया के लिए ज्ञान का प्रतीक रहा है नालंदा’
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने अधिकारियों और संकाय सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि नालंदा केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए ज्ञान और शिक्षा का प्रतीक रहा है। उन्होंने कहा कि नव-निर्मित परिसर को देखना बेहद सुखद अनुभव है, जहां प्राचीन परंपरा और आधुनिक नवाचार का शानदार समन्वय दिखाई देता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बिहार सरकार नालंदा विश्वविद्यालय को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा केंद्र के रूप में विकसित करने और इसके विस्तार के लिए हर संभव सहयोग देने को प्रतिबद्ध है।

दक्षिण-पूर्व एशिया से मजबूत होंगे शैक्षणिक संबंध
भ्रमण के दौरान नालंदा के जिलाधिकारी ने मुख्य सचिव को विश्वविद्यालय परिसर के आसपास चल रहे विकास कार्यों और बुनियादी ढांचे की जानकारी दी।
अपने दौरे के अंत में मुख्य सचिव ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में नालंदा विश्वविद्यालय दक्षिण-पूर्व एशिया और दुनिया के अन्य देशों के साथ भारत के शैक्षणिक और सांस्कृतिक संबंधों को और अधिक मजबूत करेगा।

