राजधानी दिल्ली में राजनीतिक पारा अपने चरम पर है। एक तरफ जहां संसद के भीतर और बाहर विपक्षी पार्टियां- कांग्रेस, टीएमसी और समाजवादी पार्टी विभिन्न मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने भी पंजाब सरकार और कांग्रेस नेताओं के बयानों के खिलाफ जोरदार मोर्चा खोल रखा है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयानों पर सत्तापक्ष बेहद आक्रामक है। हिमाचल प्रदेश के मंडी से बीजेपी सांसद कंगना रनौत ने राहुल गांधी से सार्वजनिक माफी की मांग की है। कंगना ने कड़े लहजे में कहा कि राहुल गांधी को अपने बयान पर तुरंत माफी मांगनी चाहिए।आप इस तरह अफवाहें और झूठ नहीं फैला सकते और बिना किसी सबूत के किसी पर इतने गंभीर आरोप नहीं लगा सकते।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों पर हुई कार्रवाई और पुलिस बल के इस्तेमाल को लेकर विपक्षी नेताओं ने केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया है। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने हॉकी इंडिया टीम की जर्सी के रंग बदलने से लेकर इतिहास के पुनर्लेखन के प्रयासों पर सरकार को घेरा।प्रियंका ने कहा कि देश की आत्मा अहिंसा, सच्चाई और भाईचारे पर टिकी है।इसे न तो आरएसएस छीन सकता है और न ही कोई और।राहुल गांधी द्वारा संसद लाए गए घायल युवक का जिक्र करते हुए उन्होंने पूछा कि राहुल जी जिस लड़के को लाए थे, उसके शरीर में क्या मिला? पैलेट्स कहां से आए, क्या वे आसमान से गिरे थे?
इस बीच, टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सीधा सवाल दागा कि मुख्य मुद्दा यह है कि आपने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर पेलेट गन और लाठियां चलाने की इजाजत क्यों दी? देश आपसे इस गोलीबारी का जवाब चाहता है।कांग्रेस सांसद वामसी कृष्ण ने कहा कि गृह मंत्रालय के अधीन आने वाली पुलिस ने महिलाओं और छात्रों पर लाठीचार्ज का आदेश किसके कहने पर दिया? वहीं, कार्ति चिदंबरम ने सरकार से इस पूरे घटनाक्रम और इस्तेमाल किए गए हथियारों पर एक निष्पक्ष जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं और दान में हेराफेरी के आरोपों को लेकर समाजवादी पार्टी (SP) के सांसदों ने संसद परिसर में बैनर और तख्तियां लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। विपक्ष का आरोप है कि श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
संसद के बाहर भी राजनीतिक सरगर्मी तेज है। पंजाब में हुए कथित पेपर लीक मामले को लेकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने दिल्ली स्थित आम आदमी पार्टी (AAP) कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।कार्यकर्ताओं ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।
संसद सत्र के दौरान एक तरफ जहां जंतर-मंतर घटनाक्रम, पेलेट गन का इस्तेमाल और राम मंदिर ट्रस्ट में कथित गबन जैसे मुद्दों पर विपक्ष एकजुट होकर सरकार को घेर रहा है, वहीं बीजेपी भी राहुल गांधी के बयानों और आप शासित राज्यों के भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाकर पलटवार कर रही है।

