बीरेंद्र कुमार झा
पाकिस्तान में सरकार और न्यायपालिका के बीच तनाव इमरान खान प्रकरण के बाद से लगातार बढ़ता ही जा रहा है। अब सरकार ने यहां के मुख्य न्यायाधीश के खिलाफ मामला दर्ज कराने के लिए विशेष समिति के गठन का प्रस्ताव पास किया है। नेशनल असेंबली ने सोमवार को देश के प्रधान न्यायाधीश उमर अता बंदियाल के खिलाफ कदाचार और शपथ से भटकने को लेकर मामला दर्ज कराने के लिए यह प्रस्ताव पास किया है। मीडिया से प्राप्त जानकारी के अनुसार यह प्रस्ताव पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) की नेता डॉक्टर साजिया सोबिया द्वारा पेश किया गया था।सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया।
इमरान खान को अनुचित समर्थन की बात
नेशनल असेंबली में रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा कि अब समय आ गया है कि संसद इस स्थिति में अपने संवैधानिक भूमिका को निभाए। आसिफ ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को न्यायपालिका के अनुचित समर्थन की जांच करने के साथ-साथ इस मामले पर संविधान के अनुच्छेद 209 के तहत सर्वोच्च न्यायालय परिषद को एक संदेश भेजने के लिए एक संसदीय समिति के गठन की मांग की।उन्होंने कहा कि देश की न्यायपालिका के 75 वर्षों के इतिहास में ऐसी घटनाएं हुई हैं, जिनका देश पर व्यापक प्रभाव पड़ा,लेकिन हाल में न्यायपालिका में एक समूह ने एक राजनीतिक समूह का समर्थन करना शुरू कर दिया है ।
हमले को बताया शर्मनाक
रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा कि अब समय आ गया है जब संसद, संविधान द्वारा दिए गए अधिकार और कानून के तहत सर्वोच्च न्यायिक परिषद को कदाचार का एक संदेश भेजे। लाहौर में कोर कमांडर के घर, कराची में रेंजर्स की एक चौकी पर, रावलपिंडी में सेना के जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) और मियांवाली में पाक वायु सेना के अड्डे पर हुए हमलों पर उन्होंने कहा कि शहीदों के स्मारकों को अपवित्र करने वालों को सुरक्षा प्रदान की जा रही है।उन्होंने कहा कि इमरान खान के समर्थकों ने अपने नेतृत्व के निर्देश पर जिन्ना हाउस पर हमला किया था जो एक शर्मनाक कृत्य था, क्योंकि यह इमारत देश की राष्ट्रीय विरासत थी।
मुख्य न्यायाधीश के इस्तीफे की मांग
पाकिस्तान मुस्लिम लीग नवाज (PML-N) पार्टी के उपाध्यक्ष मरियम नवाज शरीफ ने सोमवार को मुख्य न्यायाधीश बंदियाल के इस्तीफे की मांग की। साथ ही उन्होंने देश में अराजकता और संकट के लिए मुख्य न्यायधीश को दोषी ठहराया। मरियम नवाज सर्वोच्च न्यायालय के बाहर सत्तारूढ़ गठबंधन के धरने में भी शामिल हुई।उन्होंने अदालत के हाल के कुछ फैसलों का विरोध करते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को पूरी तरह से राहत मिली है। इमरान खान को शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश बंदियाल की अध्यक्षता वाली उच्चतम न्यायालय की तीन सदस्यीय पीठ ने राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो द्वारा एक रियल एस्टेट कारोबारी को लाभ प्रदान करने के बदले में लाखों डालर की संपत्ति स्वीकार करने के आरोप होने के बावजूद इस मामले में जमानत दे दी थी।

